कोलकाता, 17 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित सरकारी आरजी कर अस्पताल में दो साल पहले एक प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या के मामले की जांच कर रही सीबीआई की एक टीम ने बुधवार को उत्तर 24 परगना जिले में उस श्मशान भूमि का दौरा किया, जहां पीड़िता का अंतिम संस्कार किया गया था। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष जांच टीम (एसआईटी) पानीहाटी श्मशान घाट गई और वहां के कर्मचारियों से बात की।
केंद्रीय एजेंसी के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘ सीबीआई की टीम ने उस रात श्मशान घाट पर हुई गतिविधियों का ब्योरा एकत्र किया, जब मृतका का अंतिम संस्कार किया गया था। इससे हमारे जांच अधिकारियों को जांच की अधूरी कड़ियों को जोड़ने में मदद मिलेगी।’’
उन्होंने बताया कि सीबीआई अधिकारियों ने श्मशान घाट का दौरा किया और पंजीकरण पुस्तिका में मृतका के अंतिम संस्कार की रात दर्ज की गई जानकारी जुटाई।
अधिकारी ने बताया,‘‘ सीबीआई अधिकारियों ने वह समय नोट किया जब महिला चिकित्सक का शव श्मशान घाट लाया गया। साथ ही यह जानकारी जुटाई कि उस समय वहां कितने शव थे और अंतिम संस्कार कब पूरा हुआ।’’
सरकारी आरजी कर चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल में 9 अगस्त 2024 को महिला चिकित्सक (31 वर्षीय) के साथ हुई दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया था।
अधिकारी ने बताया कि श्मशान घाट के कर्मचारियों से यह भी पूछा गया कि क्या ‘‘मृतका के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करने के लिए उन पर कोई राजनीतिक दबाव था’’।
सीबीआई की टीम सोमवार को आरजी कर चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल भी गई थी और अपनी जांच के तहत चिकित्सकों, प्राचार्य और कर्मचारियों से पूछताछ की थी।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मई में सीबीआई को एक एसआईटी बनाने का आदेश दिया था। अदालत ने एसआईटी को नौ अगस्त, 2024 की उस दुर्भाग्यपूर्ण रात को आरजी कर चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल की प्रशिक्षु चिकित्सक द्वारा रात का खाना खाने से लेकर उसके अंतिम संस्कार तक के घटनाक्रमों की जांच करने का आदेश दिया था।
अदालत ने जांच टीम को हर हाल में 25 जून तक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
भाषा धीरज पवनेश
पवनेश