नयी दिल्ली, 17 जून (भाषा) प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री से एक मुकदमे की फाइल कथित तौर पर गुम होने के मामले में बुधवार को कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा कि वह इस मामले को देखेंगे।
यह मामला तब सामने आया जब एक अधिवक्ता ने न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष इस कथित घटना का उल्लेख किया।
अधिवक्ता ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में एक याचिका दायर की गई थी, लेकिन सुनवाई के लिए उसे अभी तक सूचीबद्ध नहीं किया गया है।
अधिवक्ता ने पीठ को सूचित किया कि उन्होंने इस बारे में रजिस्ट्रार को पत्र लिखा था, लेकिन मामला अदालत में सूचीबद्ध नहीं हो पाया क्योंकि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि रजिस्ट्री से फाइल कहीं खो गई है।
उन्होंने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए पीठ से आग्रह किया कि याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।
सीजेआई ने कहा, ‘‘अगर रजिस्ट्री में फाइल गुम हो गई है, तो यह गंभीर मामला है। अगर हमारी रजिस्ट्री जरूरी मामलों की फ़ाइलें खो रही है, तो क्या आपको लगता है कि मैं सिर्फ उन्हें सूचीबद्ध करने का ही आदेश दूंगा? मुझे कुछ और भी करना होगा।’’
उन्होंने अधिवक्ता को विस्तृत जानकारी देने को कहा।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, ‘‘मैं इस खामी की जांच करना चाहता हूं और पता लगाना चाहता हूं कि इसके पीछे क्या वजह है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अपने एओआर (एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड) से कहें कि वे आज ही मुझे शिकायत दें। मैं उपलब्ध हूं।’’
प्रधान न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ ने मई महीने में उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री को कड़ी फटकार लगाई थी। पीठ ने रजिस्ट्री के बर्ताव को ‘‘बेहद खराब’’ बताया और कहा कि उसके अधिकारी ऐसे व्यवहार कर रहे हैं जैसे वे ‘‘सुपर चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (प्रधान न्यायाधीश से भी बढ़कर)’’ हों।
पीठ ने निवेश से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी की ज़मानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की।
भाषा धीरज माधव
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