गंगटोक, 17 जून (भाषा) उत्तर सिक्किम के टिंगदा आरक्षित वन में पहली बार दुर्लभ मिश्मी टाकिन के झुंड का वीडियो रिकॉर्ड किया गया है। पिछले 20 साल से भी अधिक समय में सिक्किम में इस जानवर के देखे जाने की यह सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है।
वन एवं पर्यावरण विभाग की ओर से बुधवार को जारी एक बयान के अनुसार, यह दुर्लभ दृश्य आरक्षित वन के बाकुचेन क्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान देखा गया और अधिकारियों ने आठ मिश्मी टाकिन (बुडोरकास टैक्सीकलर) के झुंड का वीडियो बनाया।
विभाग ने कहा, 'इस वीडियो में आठ जानवरों का एक झुंड दिखाई दे रहा है, जो इस क्षेत्र में अब तक दर्ज टाकिन का सबसे बड़ा समूह है।'
मिश्मी टाकिन पूर्वी हिमालय के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाला एक बड़ा जानवर है। यह अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) की लाल सूची में 'संवेदनशील' श्रेणी में सूचीबद्ध है।
गठीले शरीर, घने बाल और जटिल पहाड़ी वातावरण में जीवित रहने की क्षमता के लिए जाने जाने वाले टाकिन 4,500 मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहते हैं, जिनमें घने जंगलों वाली घाटियां और ऊंचे पहाड़ी घास के मैदान शामिल हैं। इनकी त्वचा से एक प्राकृतिक तैलीय पदार्थ निकलता है, जो इन्हें बारिश और अत्यधिक खराब मौसम से बचाने में मदद करता है।
बयान में कहा गया है, 'सिक्किम में मिश्मी टाकिन के देखे जाने के पुराने रिकॉर्ड बहुत कम हैं। इसलिए यह नया वीडियो पिछले 20 साल से ज्यादा समय में इस दुर्लभ जानवर की मौजूदगी का सबसे महत्वपूर्ण और पक्का सबूत माना जा रहा है।'
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि मिश्मी टाकिन का स्वस्थ झुंड इस बात का संकेत है कि इस क्षेत्र का पहाड़ी प्राकृतिक वातावरण अभी भी अच्छा और सुरक्षित है।
उन्होंने कहा कि इससे यह भी पता चलता है कि पूर्वी हिमालय में जंगलों और वन्यजीवों के रहने की जगहों का आपस में जुड़े रखना बहुत जरूरी है।
भाषा जोहेब अमित
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