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केरल की यूडीएफ सरकार के खिलाफ ‘दुष्प्रचार’ अभियान चलाया जा रहा : मुख्यमंत्री सतीशन का आरोप

तिरूवनंतपुरम, 17 जून (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बुधवार को अपने राजनीतिक विरोधियों पर राज्य की संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के खिलाफ ‘‘दुष्प्रचार’’ अभियान चलाने का आरोप लगाया।

सतीशन ने कई विवादों का जिक्र किया, जिनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के संबोधन वाले कार्यक्रम में कुलपतियों के शामिल होने से लेकर नियुक्तियों, कल्याणकारी योजनाओं और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे तक शामिल हैं।

मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में सतीशन ने कहा कि उनकी सरकार बने अभी एक महीने भी नहीं हुए हैं कि इस दौरान उसे ‘‘गुमराह करने वाले कई अभियानों’’ का सामना करना पड़ा है।

उन्होंने कहा, ‘‘अब मैं कुछ ऐसे मुद्दों पर आता हूं जिन्हें मैं काफी दिलचस्प मानता हूं।’’

केरल के तीन विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के 13 जून को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम में शामिल होने से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए सतीशन ने कहा कि उन्होंने शुरू से ही उनके (कुलपतियों के) इस कार्यक्रम में शामिल होने की सार्वजनिक रूप से आलोचना की है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कहा था कि संघ परिवार से जुड़ी एक अहम संस्था के कार्यक्रम में कुलपतियों का शामिल होना गलत और अनुचित है।’’

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे पर दोहरा मापदंड अपना रहा है। विपक्ष के नेता का जिक्र करते हुए सतीशन ने कहा, ‘‘जब पिनराई विजयन खुद मुख्यमंत्री थे, तब केरल में चार कुलपति आरएसएस के कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। उस समय उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि यह गलत है।’’

सतीशन ने कहा कि उस समय के उच्च शिक्षा मंत्री ने ऐसे कार्यक्रमों में कुलपतियों की भागीदारी का बचाव करते हुए कहा था कि इसमें ‘‘कुछ भी गलत नहीं’’ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि अब कुलपतियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'ऐसे मामलों में सरकार की कानूनी शक्तियों की सीमाएं सभी जानते हैं। मेरी नजर में, यह दुष्प्रचार का उदाहरण है।'

सतीशन की ये बातें विपक्ष के नेता पिनराई विजयन के उस आरोप का जवाब प्रतीत हो रही हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि भागवत के संबोधन वाले कार्यक्रम में कुलपतियों की मौजूदगी के मुद्दे पर न तो मुख्यमंत्री, न ही मंत्रियों और न ही सत्तारूढ़ गठबंधन की सहयोगी पार्टियों - जिनमें कांग्रेस और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग भी शामिल हैं - ने कोई प्रतिक्रिया दी।

विजयन ने कहा था, ‘‘यूडीएफ नेतृत्व और राज्य सरकार को यह बताना चाहिए कि वे भाजपा और संघ परिवार का विरोध करने में क्यों हिचकिचा रहे हैं।’’

तिरुवनंतपुरम में 13 जून को आयोजित आरएसएस के शताब्दी समारोह में तीन विश्वविद्यालयों के कुलपति शामिल हुए थे।

मुख्यमंत्री ने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि गांजा उगाने के आरोपी व्यक्ति को गृह मंत्री के निजी स्टाफ के रूप में नियुक्त किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘यह आरोप सरासर झूठा है।’’ उन्होंने कहा कि ऐसी कोई नियुक्ति नहीं की गई।

सतीशन ने महिलाओं के लिए केएसआरटीसी (केरल राज्य पथ परिवहन निगम) की मुफ्त यात्रा योजना से जुड़े दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट बेबुनियाद है कि इस योजना को लागू करने के लिए आम बसों को सिटी बसों में तब्दील किया गया।

भाषा सुभाष अमित

अमित