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भारतीय लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं शाह: कांग्रेस

नयी दिल्ली, 17 जून (भाषा) कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस साल 17 अप्रैल को लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने में नाकाम रहने से हुई ‘‘शर्मिंदगी’’ की भरपाई के लिए विपक्ष पर ‘‘हमला’’ कर रहे हैं और भारतीय लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं।

विपक्षी दल ने कहा कि शाह के प्रलोभनों के कारण ऐसे कई नेता अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के लिए आकर्षित हो रहे हैं, जो महज दो साल पहले भाजपा-विरोधी एजेंडे के बल पर निर्वाचित हुए थे।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘केंद्रीय गृह मंत्री विपक्ष पर अपने लगातार हमले और भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करने के अपने अभियान को जारी रखे हुए हैं, ताकि 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में हुई अपनी उस शर्मनाक पराजय की भरपाई कर सकें, जब वह परिसीमन विधेयक को पारित कराने में विफल रहे थे।’’

रमेश ने कहा, ‘‘उनके प्रलोभनों से ऐसे कई लोग अब भाजपा में शामिल होने के लिए आकर्षित हो रहे हैं, जो महज दो साल पहले भाजपा-विरोधी एजेंडे के बल पर निर्वाचित हुए थे। बताया जाता है कि उन्हें दिए जा रहे प्रलोभन और लाभ इतने बड़े हैं कि उनकी कल्पना करना भी कठिन है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘गृह मंत्री एक पूरी तरह निष्ठुर और अवसरवादी अभियान चला रहे हैं, जिसे भरपूर संसाधनों का सहारा प्राप्त है। यह अभियान ठीक म्यूचुअल फंड उद्योग की तरह है, जो अलग-अलग व्यक्तियों की आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न योजनाएं और ‘उत्पाद’ उपलब्ध कराता है। उनकी नैतिक गिरावट की कोई सीमा नहीं है लेकिन वह अपने अंतिम उद्देश्य में सफल नहीं होंगे।’’

उनकी यह टिप्पणी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत के मंगलवार देर रात किए गए उस दावे के बाद आई है कि ‘‘महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने’’ के लिए ‘‘15 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि’’ दी जा रही है। इस दावे से शिवसेना (उबाठा) के कुछ लोकसभा सदस्यों के पाला बदलने की अटकलों को और बल मिला।

इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर त्रिपुरा के पंजीकृत लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (एनसीपीआई) में अपने विलय की घोषणा की।

भाषा हक

सिम्मी

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