नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) पर्यावरणविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों के एक समूह ने उच्चतम न्यायालय द्वारा दो हफ्ते पहले गठित एक उच्चाधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति की संरचना पर मंगलवार को सवाल उठाया।
यह समिति अरावली पर्वतमाला की परिभाषा और सीमा तय करने पर केंद्र सरकार की रिपोर्ट की समीक्षा करने के लिए बनाई गई है।
प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत को लिखे एक खुले पत्र में, 'अरावली विरासत जन अभियान' नाम के इस समूह ने कहा कि नयी समिति न तो उच्चाधिकार प्राप्त है और न ही निष्पक्ष।
न्यायालय ने 3 जून को यह समिति गठित की थी और इसकी अध्यक्षता ‘इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन’ की महानिदेशक कंचन देवी कर रही हैं। समिति को 31 अगस्त तक एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
भाषा सुभाष प्रशांत
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