भोपाल, 16 जून (भाषा) मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और 24 जुलाई तक चलेगा। विधानसभा सचिवालय ने मंगलवार को राज्यपाल की स्वीकृति के बाद इसकी अधिसूचना जारी की।
अधिसूचना के अनुसार पांच दिवसीय सत्र के दौरान महत्वपूर्ण शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे। निजी सदस्य विधेयकों की सूचनाएं 24 जून तक तथा निजी सदस्य संकल्पों की सूचनाएं नौ जुलाई तक विधानसभा सचिवालय में जमा कराई जा सकेंगी।
विधानसभा सचिवालय के अनुसार स्थगन प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण तथा नियम 267-ए के अंतर्गत सूचनाएं 14 जुलाई से कार्यालय समय के दौरान स्वीकार की जाएंगी।
यह 16वीं मध्यप्रदेश विधानसभा का 11वां सत्र होगा।
उधर, विधानसभा सत्र की अवधि को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह केवल विधानसभा की अवधि कम करने का मामला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक जवाबदेही को सीमित करने का प्रयास है।
सिंघार ने कहा कि राज्य की 230 विधानसभा सीटों से निर्वाचित विधायक सात करोड़ से अधिक नागरिकों की आवाज का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रदेश में किसानों की समस्याएं, युवाओं में बेरोजगारी, महिलाओं की सुरक्षा, आदिवासी अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बढ़ता कर्ज, भ्रष्टाचार तथा कानून-व्यवस्था जैसे कई मुद्दे मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को समझना चाहिए कि विधानसभा जितने अधिक दिनों तक चलेगी, लोकतंत्र उतना ही मजबूत होगा।
कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) मानसून सत्र के प्रत्येक मिनट का उपयोग जनहित के मुद्दे उठाने और सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा से बच सकती है, लेकिन जनता के सवालों से नहीं बच सकती।
भाषा दिमो सुरभि
सुरभि