(कुणाल दत्त)
शिलांग (मेघालय), 16 जून (भाषा) केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मंगलवार को कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता से लेकर हस्तशिल्प और व्यंजनों तक, पर्यटकों की हर अपेक्षा और सपनों को पूरा करता है तथा आने वाले समय में यह भारत की पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए “विकास का इंजन” बनेगा।
शेखावत ने मंगलवार को ‘पूर्वोत्तर भारत अवसंरचना सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026’ में हिस्सा लिया, जिसका आयोजन मेघालय द्वारा शिलांग स्थित लारिटी परफॉर्मिंग सेंटर में 15 से 16 जून तक किया जा रहा है।
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ने अपराह्न कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद एक सत्र में भाग लेने से पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) की एक गोलमेज बैठक में भी हिस्सा लिया।
शेखावत ने बैठक के बाद पत्रकारों से पूर्वोत्तर की पर्यटन क्षमता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वोत्तर की पहचान ‘अष्टलक्ष्मी’ के रूप में की है और इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास को भी रेखांकित किया।
पर्यटन मंत्री ने कहा, ‘‘जिस तरह से संपर्क स्थापित करने पर लगातार काम किया जा रहा है और इसे जो प्राकृतिक सुंदरता मिली है, उसके साथ ही पूर्वोत्तर के गुलदस्ते में संस्कृति, शिल्प तथा व्यंजनों के विभिन्न प्रकार के अनुभव शामिल हैं। यह क्षेत्र पर्यटकों की हर इच्छा या सपने को पूरा करने के लिए सब कुछ एक थाल में सजाकर प्रस्तुत करता है।’’
उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाले समय में पूर्वोत्तर भारत की पर्यटन अर्थव्यवस्था विकास इंजन बनेगा।
भाषा प्रचेता सुरेश
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