नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में हाल के सप्ताहों में आग लगने की कई घटनाओं के बीच दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) ने विभिन्न प्रकार की इमारतों तथा दो या उससे अधिक स्तर वाले बेसमेंट के मालिकों या उपयोगकर्ताओं के लिए अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र रखना अनिवार्य कर दिया है।
डीएफएस ने मंगलवार को जारी एक नोटिस में 11 श्रेणियों की इमारतों की सूची जारी की, जिनमें राष्ट्रीय भवन निर्माण मानक-2026 (भाग-एफ), दिल्ली अग्निशमन सेवा अधिनियम, 2007 और दिल्ली अग्निशमन सेवा नियम, 2010 के अनुसार अग्नि रोकथाम एवं अग्नि सुरक्षा उपाय उपलब्ध कराना आवश्यक है।
इन इमारतों में आवासीय (होटल और गेस्ट हाउस को छोड़कर) तथा व्यावसायिक भवन शामिल हैं, जिनकी ऊंचाई 15 मीटर से अधिक है या जिनमें भूतल से ऊपर ‘मेजेनाइन’ (दो मंजिलों के बीच बनाया गया आंशिक अतिरिक्त तल) या स्टिल्ट माले सहित पांच या अधिक मंजिलें हैं।
इसके अलावा 12 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले या भूतल से ऊपर मेजेनाइन या स्टिल्ट माले सहित चार या अधिक मंजिलों वाले होटल और गेस्ट हाउस भी इसमें शामिल हैं।
नोटिस के अनुसार, नौ मीटर से अधिक ऊंचाई वाले या भूतल से ऊपर मेजेनाइन अथवा स्टिल्ट माले सहित तीन या अधिक मंजिलों वाले शैक्षणिक भवनों के लिए भी यह प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा।
इसके अलावा, नौ मीटर से अधिक ऊंचाई वाले या भूतल से ऊपर मेजेनाइन या स्टिल्ट माले सहित तीन या अधिक मंजिलों वाले संस्थागत एवं वाणिज्यिक भवनों के लिए भी अग्नि अनापत्ति प्रमाणपत्र अनिवार्य है।
सभी मंजिलों पर 250 वर्ग मीटर से अधिक कवर क्षेत्र वाले भंडारण भवन तथा 100 वर्ग मीटर से अधिक कवर क्षेत्र वाले जोखिमपूर्ण भवन भी उन श्रेणियों में शामिल हैं, जिनके लिए यह प्रमाणपत्र आवश्यक है।
डीएफएस के ताजा नोटिस में भूमिगत संरचनाओं को लेकर भी स्पष्टीकरण दिया गया है। अब दो या उससे अधिक स्तर वाले बेसमेंट के लिए भी अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र आवश्यक होगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पहले इस प्रावधान का स्पष्ट उल्लेख नहीं था।
अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने कहा कि हाल की दुर्घटनाओं के मद्देनजर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह नोटिस जारी किया गया है, ताकि लोग अपनी इमारतों और परिसरों में सक्रिय रूप से अग्नि सुरक्षा उपाय अपनाएं।
भाषा नोमान शफीक
शफीक