कोझिकोड (केरल), 16 जून (भाषा) केरल के वडकरा निर्वाचन क्षेत्र में 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक विवाद का कारण बने ‘काफ़िर स्क्रीनशॉट’ मामले में मंगलवार को ‘डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (डीवाईएफआई) के एक कथित नेता को गिरफ्तार किया गया।
‘डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया’ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की छात्र शाखा है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जिथिन भाष्कर को गिरफ्ता किया। उसपर वामपंथी विचारधारा वाले एक व्हाट्सऐप ग्रुप में विवादित स्क्रीनशॉट साझा करने का आरोप है। वह इस ग्रुप का ‘एडमिनिस्ट्रेटर’ था।
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी की पूछताछ के बाद भाष्कर को गिरफ़्तार किया गया। जांचकर्ताओं की जांच में खुलासा हुआ था कि विवादित स्क्रीनशॉट सबसे पहले भाष्कर के ‘एडमिन’ वाले ‘व्हाट्सऐप ग्रुप’ में सामने आया था और बाद में दूसरे समूहों और सोशल मीडिया मंचों पर प्रसारित किया गया।
एसआईटी की जांच के दूसरे हफ़्ते में यह गिरफ़्तारी हुई। कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा ने सत्ता में आने के बाद इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की थी।
सूत्रों ने बताया कि भाष्कर से जांच के सिलसिले में पहले भी पूछताछ की गई थी तथा उसकी गिरफ़्तारी आधिकारिक तौर पर दर्ज करने से पहले मंगलवार को फिर से उसे बुलाया गया था।
यह विवाद वडकरा में 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले सोशल मीडिया पर प्रसारित एक पोस्ट को लेकर हुआ था। इस पोस्ट में कथित तौर पर मतदाताओं से माकपा उम्मीदवार के.के. शैलजा का समर्थन न करने की अपील की गई थी और उन्हें ‘काफ़िर’ कहा गया था।
माकपा ने आरोप लगाया था कि इस सामग्री को बनाने और प्रसारित करने के पीछे कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के कार्यकर्ता एवं उनके उम्मीदवार शफ़ी परमबिल का हाथ था, जबकि यूडीएफ का कहना था कि यह अभियान स्थानीय माकपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चलाया था।
भाषा
राजकुमार धीरज
धीरज