बड़वानी, 16 जून (भाषा) मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में आठ दिन पहले एक खेत से मिले मादा तेंदुआ शावक की मंगलवार को विषाणु संक्रमण के कारण उपचार के दौरान मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि यह शावक आठ जून को ग्रामीण क्षेत्र में मिला था जिसके बाद वन विभाग ने उसे बचा कर उपचार के लिए इंदौर जिले के महू स्थित शासकीय पशु चिकित्सा महाविद्यालय भेजा था।
पशु चिकित्सक डॉ. महेंद्र बघेल ने बताया कि जांच में शावक के ‘‘कैनाइन डिस्टेम्पर वायरस’’ से संक्रमित होने की पुष्टि हुई।
उन्होंने कहा कि यह विषाणु मुख्य रूप से कुत्तों और अन्य मांसाहारी जीवों में पाया जाता है, लेकिन संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने वाले वन्यजीव भी इसकी जद में आ सकते हैं।
बघेल ने बताया कि कम उम्र और अपेक्षाकृत कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के कारण तेंदुआ शावक संक्रमण का सामना नहीं कर सका।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आठ जून को ग्राम गोलाटा के खेत में काम कर रहे लोगों को यह शावक मिला था।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में अब भी मादा तेंदुआ व उसके दो अन्य शावकों के घूमने की सूचना है और वन विभाग उनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है।
भाषा सं. हर्ष सुरभि
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