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एमसीडी ने यमुना के बाढ़ क्षेत्र के ‘ओ जोन’ में निर्माणाधीन इमारतों को ध्वस्त किया

नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में यमुना के बाढ़ क्षेत्र के 'ओ जोन' में कथित तौर पर अवैध रूप से बनाए गए ढांचों को ध्वस्त करने के लिये मंगलवार को अभियान चलाया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

एमसीडी अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र में निर्माणाधीन अवैध ढांचों को ही ध्वस्त किया जा रहा है और राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

यह कार्रवाई यमुना के बाढ़ क्षेत्र में अनधिकृत निर्माणों के विरुद्ध एमसीडी के जारी अभियान के तहत की गई।

चल रही कार्रवाई पर एमसीडी की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि दिल्ली में हाल में हुए हादसों की श्रृंखला को देखते हुए निगम अनधिकृत निर्माणों तथा निर्धारित ऊंचाई सीमा से अधिक ऊंची इमारतों का सर्वेक्षण कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस सर्वेक्षण के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिन लोगों के पास वैध लाइसेंस नहीं है या जिन्होंने एमसीडी के नियमों का उल्लंघन किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।’’

अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार सुबह कालिंदी कुंज क्षेत्र में ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया गया, जिसमें बाढ़ क्षेत्र में कथित रूप से अवैध रूप से बनाए गए और हाल में निर्मित ढांचों पर कार्रवाई की गई।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्थानीय पुलिस और निगम कर्मचारियों की सहायता से यह कार्रवाई की गई। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।

ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर एकत्र हो गए।

दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि अदालतों के निर्देशों और व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण तथा अवैध निर्माणों के खिलाफ विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई की जा रही है।

वाही ने कहा कि इसका उद्देश्य जन-धन की हानि को रोकना, सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा आवश्यक सेवाओं के सुचारु संचालन को बनाए रखना है।

यह ध्वस्तीकरण अभियान राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ दिल्ली सरकार द्वारा चलाए जा रहे एक व्यापक अभियान के बीच किया गया है।

राजस्व विभाग की दैनिक निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार, 16 जून को दिल्ली भर में 42 स्थलों का निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही पांच जून से 16 जून के बीच निरीक्षण किए गए स्थलों की कुल संख्या 815 हो गई है।

दिन के दौरान कुल 13 ध्वस्तीकरण नोटिस जारी किए गए। अलग से, एमसीडी ने मंगलवार को 13 संपत्तियों पर अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की सूचना दी। निगम ने पांच संपत्तियों को सील किया, 25 को कारण बताओ नोटिस जारी किया, एक सीलिंग संबंधी कारण बताओ नोटिस तथा पांच ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए।

ताजा कार्रवाई के साथ अभियान शुरू होने के बाद से एमसीडी द्वारा की गई कुल कार्रवाई में 230 ध्वस्तीकरण, 242 संपत्तियों को सील करना, 355 को कारण बताओ नोटिस, 152 सीलिंग संबंधी कारण बताओ नोटिस और 96 ध्वस्तीकरण आदेश शामिल हो गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि यह प्रवर्तन अभियान नागरिक अवसंरचना संबंधी विफलताओं, अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और अवैध निर्माणों से जुड़े कई मामलों के बाद शुरू किया गया था।

उन्होंने कहा कि भवन निर्माण नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान पूरे दिल्ली में जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती रहेगी।

भाषा रवि कांत रवि कांत धीरज

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