चंडीगढ़, 16 जून (भाषा) शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने मंगलवार को कहा कि उनकी आवाज दबाने की हर मुमकिन कोशिश की गई, लेकिन गुरु के आशीर्वाद और लोगों के भरोसे से उन्होंने प्रत्येक ‘‘साजिश’’ को नाकाम कर दिया है।
मजीठिया ने यह बयान अमृतसर की एक अदालत द्वारा उन्हें अग्रिम जमानत दिए जाने के एक दिन बाद दिया। उन पर हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति को जबरन छुड़ाने के लिए पुलिस थाने में दाखिल होने का आरोप है।
पूर्व मंत्री ने एक बयान में कहा कि उन्हें गुरु के आशीर्वाद, लोगों की प्रार्थनाओं और सच्चाई की ताकत से ‘जीत’ मिली है।
मजीठिया ने आरोप लगाया कि उन्हें राजनीतिक बदले की भावना, झूठे आरोपों और कानूनी मुकदमों का सामना करना पड़ा है, और उनकी आवाज दबाने की हर मुमकिन कोशिश की गई है।
अकाली दल के नेता ने कहा कि वह अपने कार्यकर्ताओं और पंजाब के लोगों को यह संदेश देना चाहते है कि संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब को मादक पदार्थ, गिरोहबाजी, बेरोजगारी, कृषि संकट और राजनीतिक दमन से मुक्त कराने की लड़ाई जारी रहेगी।’’
मजीठिया पर 50-60 लोगों के साथ मिलकर 31 मई को अमृतसर के एक पुलिस थाने में जबरन दाखिल होने और हिरासत में लिए गए अकाली कार्यकर्ता जोबनप्रीत सिंह को छुड़ाने की कोशिश करने का आरोप है।
पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर अमृतसर स्थित उनके आवास पर छापेमारी की। शिअद नेता को हालांकि पकड़ा नहीं जा सका।
मजीठिया ने बाद में उनके खिलाफ भारतीय संहिता की विभिन्न धाराओं में दर्ज प्राथमिकी के खिलाफ अदालत का रुख किया।
भाषा धीरज प्रशांत
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