जयपुर, 16 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने आरएसएस और भाजपा पर दिए गए बयान को लेकर मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर पलटवार किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक हताशा में ऐसे बयान दे रही है और अल्पसंख्यक वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रही है।
गहलोत ने कहा था कि कांग्रेस के 'नरम रुख' के कारण आरएसएस को बढ़ने का मिला। इसपर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तिवाड़ी ने कहा कि कांग्रेस सरकारों के आरएसएस को रोकने के प्रयास पहले भी असफल रहे हैं।
उन्होंने कहा, “इंदिरा गांधी और उनके पिता ने दो बार प्रतिबंध लगाया, लेकिन दोनों बार उन्हें पीछे हटना पड़ा। 1948 में आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया गया और 1975 में आपातकाल लगाया गया, लेकिन कांग्रेस को अंततः दोनों फैसले वापस लेने पड़े।”
तिवाड़ी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का जनाधार लगातार घट रहा है और पार्टी स्वतंत्रता से पहले से ही विभाजनकारी राजनीति करती रही है।
उन्होंने दावा किया, “कांग्रेस ने बहुत पहले ही हिंदू-मुस्लिम राजनीति शुरू कर दी थी। 1916 में ही विभाजन की नींव रख दी गई थी।”
उन्होंने कहा, “गहलोत का बयान राजनीतिक हताशा का परिणाम है। इसका उद्देश्य हिंदुओं को गुमराह करना और वोट बैंक की राजनीति करना है।”
भाषा बाकोलिया जोहेब
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