रांची, 16 जून (भाषा) झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को किसानों से जल संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करने और कृषि पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से निपटने के लिए आधुनिक खेती तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया।
यहां मोराबादी मैदान में तीन दिवसीय ‘कृषि व्यापार मेला 2026’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सोरेन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन कृषि को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर रहा है, जिस पर राज्य की अधिकांश आबादी निर्भर है।
उन्होंने कहा, ‘‘झारखंड के 80 प्रतिशत लोग कृषि पर निर्भर हैं, जो जलवायु परिवर्तन से प्रभावित है। सरकार की प्राथमिकता किसानों को कम पानी में खेती का काम जारी रखने के लिए प्रशिक्षित करना है।’’
आगामी समय में पानी की कमी की चेतावनी वाली रिपोर्ट का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कुछ सर्वेक्षण निकट भविष्य में गंभीर जल संकट की चेतावनी देते हैं। करीब 50 प्रतिशत नलकूप काम करना बंद कर देंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं किसानों से अपील करता हूं कि वे आने वाले संकट से निपटने के लिए बंजर भूमि और गांवों में जल संरक्षण का कार्य शुरू करें।’’
मुख्यमंत्री ने विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई पर भी चिंता व्यक्त की और वनीकरण पर अधिक जोर देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, ‘‘जल संरक्षण, वनीकरण और ऐसी आधुनिक तकनीकों को अपनाना जो कम पानी में अधिक उत्पादन दें, समय की मांग है।’’
सोरेन ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और जैविक खेती पद्धतियों को अपनाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, ‘‘जैविक खेती स्वस्थ मिट्टी, सुरक्षित पर्यावरण और बेहतर भविष्य का मार्ग है।’’
इस कार्यक्रम के दौरान कृषि मेले के प्रतीक चिन्ह का अनावरण किया गया और उत्कृष्ट किसानों को सम्मानित भी किया गया।
इस मेले का आयोजन झारखंड सरकार द्वारा कृषि में नवाचारों को प्रदर्शित करने और इस क्षेत्र के हितधारकों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए किया गया है।
भाषा सुमित शफीक
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