नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) पंचायती राज मंत्रालय अपनी ‘निर्भय रहो’ पहल के तहत लैंगिक समानता और महिलाओं से जुड़े मुद्दों के प्रति निर्वाचित पुरुष जनप्रतिनिधियों को संवेदनशील बनाने के लिए 17 से 19 जून तक तीन दिवसीय एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा।
मंत्रालय ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि ‘‘महिलाओं से संबंधित मुद्दों, विशेषकर उनकी सुरक्षा एवं संरक्षा के प्रति पुरुषों को संवेदनशील बनाना’’ विषयक यह कार्यक्रम नयी दिल्ली स्थित भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) में आयोजित किया जाएगा। यह ‘निर्भय रहो’ पहल के अंतर्गत संचालित तीन हस्तक्षेपों में से एक ‘निर्भय चेतना’ का हिस्सा है।
मंत्रालय के अनुसार इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षकों का समूह तैयार करना है, जो पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित पुरुष प्रतिनिधियों को लैंगिक समानता और महिलाओं से जुड़े मुद्दों के प्रति संवेदनशील बना सकें।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर) के सलाहकारों सहित कुल 45 प्रशिक्षक भाग लेंगे।
इसमें असम, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से प्रतिभागियों को आमंत्रित किया गया है।
उद्घाटन सत्र में पंचायती राज सचिव विवेक भारद्वाज मुख्य वक्तव्य देंगे। इसके अलावा अतिरिक्त सचिव सुशील कुमार लोहानी और संयुक्त सचिव अमित अग्रवाल भी प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे।
उद्घाटन सत्र का एक प्रमुख आकर्षण ‘निर्भय रहो’ परियोजना के अंतर्गत विकसित प्रशिक्षण मॉड्यूल का लोकार्पण होगा।
उल्लेखनीय है कि ‘निर्भय रहो’ पहल की शुरुआत इस वर्ष 11 मार्च को निर्भया कोष के माध्यम से की गई थी। इसे पंचायती राज मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय तथा बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय विधि विद्यालय विश्वविद्यालय (एनएलएसआईयू) के सहयोग से लागू कर रहा है।
मंत्रालय ने कहा कि इस पहल का लक्ष्य देशभर में 17.5 लाख से अधिक निर्वाचित पुरुष प्रतिनिधियों और 14.5 लाख से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित करना है।
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