नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई)ने चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी साइंस एंड टेक्निकल प्रमोशन सोसाइटी (सीआरईएसटी) के खाते में जमा 75.34 करोड़ रुपये के सरकारी धन का कथित गबन करने के मामले में मंगलवार को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और सीआरईएसटी के अधिकारियों और निजी लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
सीबीआई ने चंडीगढ़ की एक विशेष अदालत में दाखिल आरोप पत्र में 13 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पांच अधिकारी, सीआरईएसटी (चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन) के दो अधिकारी, दो मुखौटा कंपनियां और चार निजी व्यक्ति शामिल हैं। इन पर आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी, सबूत मिटाने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘‘ यह मामला सरकारी कोष के 75.34 करोड़ रुपये के गबन से जुड़ा है, जिसे आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के अधिकारियों ने सीआरईएसटी के सरकारी कर्मचारियों के साथ आपराधिक मिलीभगत करके सीआरईएसटी के बैंक खातों से निकाला गया था। ’’
उन्होंने बताया, ‘‘इसके बाद, हेराफेरी करके निकाले गए धन को कई निजी व्यक्तियों की मिलीभगत से दूसरी जगहों पर भेज दिया गया। इस गबन से इन लोगों को लाभ हुआ।’’
एजेंसी ने कहा कि इस मामले में और आरोप पत्र दाखिल किये जाएंगे।
प्रवक्ता ने बताया कि सीबीआई ने चंडीगढ़ प्रशासन और हरियाणा सरकार के अनुरोध पर 657 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी से जुड़ी तीन प्राथमिकी दर्ज की थीं।
उन्होंने बताया, ‘‘सीबीआई ने हरियाणा मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ पहले ही दो आरोप पत्र और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े मामले में सात आरोपियों के खिलाफ एक आरोप पत्र दाखिल किया है, और आज सीआरईएसटी चंडीगढ़ मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है।’’
भाषा धीरज पवनेश
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