वलसाड (गुजरात), 16 जून (भाषा) गुजरात के वलसाड जिले में मंगलवार को पौधारोपण अभियान के दौरान भीषण गर्मी के कारण निर्जलीकरण होने से कम से कम चार छात्र बेहोश हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह घटना कार्यक्रम का आयोजन करने वाले वन विभाग की घोर लापरवाही का परिणाम प्रतीत होती है।
अधिकारी ने बताया कि सभी छात्र सुरक्षित हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
वलसाड की जिला शिक्षा अधिकारी राजश्री टंडेल ने कहा, ‘‘वन विभाग की ‘वन कवच’ पहल के तहत आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान भीषण गर्मी में एक सरकारी माध्यमिक विद्यालय के कम से कम चार छात्रों को शरीर में पानी की कमी की शिकायत हुई।’’
उन्होंने बताया कि प्रभावित छात्रों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। बच्चों को वातानुकूलित वाहन में बैठाया गया तथा उन्हें पानी और ओआरएस (ओरल रीहाइड्रेशन सॉल्यूशन) दिया गया। इसके बाद एहतियात के तौर पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
राजश्री ने कहा, ‘‘आम तौर पर ऐसे कार्यक्रमों में स्कूली छात्रों को शामिल करने से पहले संबंधित विभागों को अनुमति लेनी होती है। हालांकि, इस मामले में वन विभाग ने कथित तौर पर सीधे स्कूल के प्रधानाचार्य से संपर्क किया और आवश्यक अनुमति के लिए कोई अनुरोध नहीं भेजा।’’
उन्होंने इस घटना के लिए वन विभाग की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा, ‘‘छात्रों को ले जाने के लिए बस की व्यवस्था करने के बजाय खुले हल्के व्यावसायिक वाहन (एलसीवी) का इस्तेमाल किया गया। हालांकि कार्यक्रम सुबह आयोजित किया गया था, लेकिन माना जा रहा है कि भीषण गर्मी और यात्रा की परिस्थितियों के कारण छात्रों की तबीयत बिगड़ी और उनके शरीर में पानी की कमी हुई।’’
उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के लिए उमरगाम में टीमें भेजी हैं।
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प्रचेता प्रशांत
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