नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) संतूर वादक पंडित भजन सोपोरी की विरासत को समर्पित ‘विश्व संतूर दिवस’ के तीसरे संस्करण का आयोजन 22 जून को यहां चिन्मय मिशन ऑडिटोरियम में किया जाएगा।
वार्षिक आयोजन सोपोरी एकेडमी ऑफ म्यूजिक एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स द्वारा किया जाता है, जिसका उद्देश्य संतूर की समृद्ध परंपरा को सम्मान देना और नई पीढ़ी के संगीतकारों के बीच इसकी निरंतर प्रासंगिकता को बढ़ावा देना है।
इस दिन पंडित भजन सोपोरी का जन्मदिवस भी है और 2024 में इसे ए आर रहमान, अनूप जलोटा, कैलाश खेर, पंडित विश्व मोहन भट्ट और उस्ताद रफीउद्दीन साबरी सहित प्रमुख सांस्कृतिक हस्तियों द्वारा ‘विश्व संतूर दिवस’ घोषित किया गया था।
आयोजन के बारे में बात करते हुए संतूर वादक पंडित अभय रुस्तम सोपोरी ने कहा कि ‘विश्व संतूर दिवस’ उस वाद्ययंत्र के प्रति सम्मान है, जो भारत की समृद्ध संगीत विरासत और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतिनिधित्व करता है।
उन्होंने कहा, “यह दिन मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह मेरे पिता और गुरु पंडित भजन सोपोरी जी के जन्मदिवस के दिन मनाया जाता है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन संतूर की शुचिता को समृद्ध करने, कश्मीर की सूफियाना परंपरा को आगे बढ़ाने और शास्त्रीय संगीत को वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक एवं सुलभ बनाने के लिए समर्पित किया।”
उन्होंने कहा, “उनका उद्देश्य केवल प्रस्तुति तक सीमित नहीं था; वे चाहते थे कि लोग संगीत के माध्यम से मूल्यों, संवाद और मानवीय संबंधों के महत्व को समझें।”
आगामी संस्करण में युवा संतूर कलाकार दिव्यांश श्रीवास्तव की प्रस्तुति होगी, जिनके साथ तबले पर खुर्रम अली नियाज़ी और घटम पर वरुण राजशेखरन संगत करेंगे।
वरिष्ठ संगीतकार पंडित संदीप चटर्जी तबले पर पंडित दुर्जय भौमिक के साथ प्रस्तुति देंगे, जबकि पंडित अभय रुस्तम सोपोरी की प्रस्तुति में तबले पर उस्ताद अकरम खान और पखावज पर पंडित विश्वंभर नाथ मिश्रा संगत करेंगे।
आयोजकों के अनुसार, दिल्ली के अलावा ‘विश्व संतूर दिवस’ के कार्यक्रम अर्जेंटीना, चीन, अमेरिका और जर्मनी सहित अन्य देशों तथा भारत में ओडिशा समेत विभिन्न हिस्सों में भी आयोजित किए जाएंगे।
भाषा अमित दिलीप
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