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जनगणना 2027 का पहला चरण 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा हुआ

नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) सरकार ने मंगलवार को कहा कि 2027 की जनगणना के पहला चरण का कार्य अब तक 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पूरा कर लिया गया है। इस चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य किया गया। यह जानकारी मंगलवार को एक सरकारी बयान से मिली।

बयान में कहा गया है कि केरल और नगालैंड में 15 दिन की स्व-गणना प्रक्रिया जारी है, जिसके बाद एक जुलाई से 30 जुलाई तक क्षेत्रीय कार्य किया जाएगा।

बयान के अनुसार, पहले चरण का क्षेत्र कार्य मंगलवार को हिमाचल प्रदेश में शुरू हुआ, जबकि गुजरात, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, पुडुचेरी और उत्तर प्रदेश में यह पहले से जारी है।

इसमें कहा गया, “स्व-गणना पूरी कर चुके निवासी अपने द्वारा उत्पन्न स्व-गणना पहचान संख्या (आईडी) तैयार रखें और क्षेत्र दौरे के दौरान गणनाकर्मी के साथ इसे साझा करें, ताकि एचएलओ प्रक्रिया पूरी की जा सके। जिन परिवारों ने स्व-गणना का विकल्प नहीं चुना है, उन्हें गणनाकर्मियों के घर-घर जाकर किए जाने वाले सर्वेक्षण के दौरान शामिल किया जाएगा।”

11,718 करोड़ रुपये की लागत वाली यह जनगणना स्वतंत्रता के बाद देश की आठवीं जनगणना है। इसे दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहला चरण मकान सूचीकरण एवं आवास गणना और दूसरा चरण जनसंख्या गणना का है।

एक अप्रैल से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलने वाले मकान सूचीकरण एवं आवास गणना चरण में देशभर की सभी संरचनाओं, मकानों और परिवारों का व्यवस्थित रूप से सूचीकरण किया जाएगा, ताकि जनसंख्या गणना के लिए एक सुदृढ़ आधार तैयार किया जा सके।

पहली बार यह पूरी कवायद डिजिटल माध्यम से की जा रही है और गणनाकर्मी जानकारी एकत्र करने के लिए विशेष मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग कर रहे हैं।

जनगणना का दूसरा चरण यानी जनसंख्या गणना अगले वर्ष फरवरी में आयोजित की जाएगी, जिसमें देश के प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक विवरण दर्ज किए जाएंगे। जाति संबंधी प्रश्न भी इसी चरण का हिस्सा होंगे।

भाषा अमित पवनेश

पवनेश