नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) दिल्ली सरकार कर प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बनाने के लिए अपने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिकारियों के लिए दो सप्ताह का प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर रही है। एक आधिकारिक बयान में मंगलवार को यह जानकारी दी गई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अब कर प्रशासन केवल राजस्व संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक, कानून, जांच, विश्लेषण और जनसेवा का एक समन्वित तंत्र बन चुका है, इसलिए अधिकारियों का नियमित प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है।
गुप्ता के अनुसार, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केंद्र सरकार के संस्थान राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नारकोटिक्स अकादमी (एनएसीआईएन) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 जून से 26 जून तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन तीन प्रशिक्षण सत्र आयोजित होंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों के ज्ञान, कौशल और व्यावसायिक दक्षता को मजबूत करना है ताकि वे जीएसटी प्रशासन के विभिन्न पहलुओं का अधिक प्रभावी ढंग से संचालन कर सकें।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उपस्थिति अनिवार्य होगी। बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित रहने, विलंब से आने, बीच में सत्र छोड़ने या प्रशिक्षण संबंधी निर्देशों का पालन न करने पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
भाषा नोमान नोमान पवनेश
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