Breaking News

कश्मीर के गुलमर्ग में LOC के पास रहस्यमयी ब्लास्ट, 1 शख्स की मौत, 4 घायल     |   दिल्ली-NCR से कश्मीर तक 6.2 तीव्रता से कांपी धरती, अफगानिस्तान बना भूकंप का केंद्र     |   दिल्ली-NCR और जम्मू-कश्मीर में महसूस किए गए भूकंप के तेज झटके     |   राम मंदिर ट्रस्ट में बड़े बदलाव की तैयारी, 11 जुलाई की बैठक में नए महासचिव पर फैसला संभव     |   राम मंदिर ट्रस्ट से चंपत राय-अनिल मिश्रा का इस्तीफा, बैठक में तय होगी अगली भूमिका     |  

जीआईसी की बिक्री पेशकश को 3.72 गुना अभिदान

नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) सरकार की ओर से जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (जीआईसी) में पांच प्रतिशत तक की हिस्सेदारी बिक्री पेशकश को मंगलवार को 3.72 गुना से अधिक अभिदान मिला। इसमें संस्थागत निवेशकों ने 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की बोली लगाई।

बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, गैर-खुदरा निवेशकों ने 11.73 करोड़ जीआईसी शेयरों के लिए बोली लगाई, जो 3.16 करोड़ शेयर के निर्गम का 3.72 गुना है।

इसके 352.92 रुपये के सांकेतिक मूल्य पर इन बोलियों का कुल मूल्य लगभग 4,000 करोड़ रुपये है।

निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपक) के सचिव अरुणिश चावला ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया में बिक्री पेशकश को पहले ही दिन निवेशकों से ज़बर्दस्त प्रतिक्रिया मिली और इसे 3.72 गुना ज़्यादा अभिदान मिला। सरकार ने पूरा ‘ग्रीन शू’ विकल्प इस्तेमाल करने का फ़ैसला किया है।’’

खुदरा निवेशक बुधवार को बिक्री पेशकश (ओएफएस) में बोली लगा सकेंगे।

दो दिवसीय बिक्री पेशकश के तहत सरकार 352 रुपये प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर जीआईसी में दो प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है। इसमें तीन प्रतिशत का ग्रीन-शू विकल्प भी शामिल है। इससे कुल हिस्सेदारी बिक्री पांच प्रतिशत हो जाएगी, जो 8.77 करोड़ से अधिक शेयर के बराबर है।

न्यूनतम शेयर मूल्य सोमवार के बंद भाव से 9.36 प्रतिशत कम था। सरकार ओएफएस से लगभग 3,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है।

जीआईसी का शेयर मंगलवार को बीएसई पर 7.65 प्रतिशत टूटकर 358.65 रुपये पर बंद हुआ था।

सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर अब तक 13,389 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसमें कोल इंडिया से 5,542 करोड़ रुपये, एनएचपीसी से 4,357 करोड़ रुपये, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 2,266 करोड़ रुपये और एनएलसी इंडिया से 1,223 करोड़ रुपये शामिल हैं।

सरकार का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष में 80,000 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी बिक्री और परिसंपत्ति मौद्रीकरण का है।

भाषा यासिर अजय

अजय