नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने ‘‘लैंगिक जागरूकता और आंतरिक शिकायत समिति’’ का पुनर्गठन किया है।
शीर्ष अदालत की न्यायाधीश बी. वी. नागरत्ना इस 12-सदस्यीय समिति की अध्यक्ष हैं।
एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है, ‘‘उच्चतम न्यायालय को लैंगिक जागरूकता और महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) नियम, 2013 के खंड 4(2) और इस संबंध में सभी संबंधित प्रावधानों के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, माननीय प्रधान न्यायाधीश ने शीर्ष अदालत की लैंगिक जागरूकता और आंतरिक शिकायत समिति का पुनर्गठन किया है।’’
समिति में न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह, रजिस्ट्रार कावेरी और वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी तथा लिज मैथ्यू के अलावा वकील नीना गुप्ता, सौम्यजीत पाणि, साक्षी बंगा, प्रभा स्वामी और मेहराविश रेन भी शामिल हैं।
अन्य सदस्यों में उच्चतम न्यायालय बार क्लर्क एसोसिएशन की प्रतिनिधि सुषमा रावत और विविधता कंसल्टिंग की संस्थापक स्नेह शर्मा शामिल हैं।
भाषा सुभाष सुरेश
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