नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक याचिका खारिज कर दी, जिसमें रेस कोर्स क्षेत्र में स्थित जयपुर पोलो ग्राउंड पर केंद्र सरकार के नियंत्रण की प्रक्रिया के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।
न्यायमूर्ति तेजस करिया की अवकाशकालीन पीठ ने हालांकि यहां की एक सत्र अदालत को बेदखली आदेश के खिलाफ भारतीय पोलो एसोसिएशन (आईपीए) की अपील और अंतरिम रोक की अर्जी पर गुण-दोष के आधार पर फैसला करने को कहा।
एसोसिएशन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने कहा कि सत्र अदालत इस मामले पर 17 जून को सुनवाई करने वाली है और तब तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया जाए।
उन्होंने कहा, “यदि वे मैदान की खुदाई शुरू कर देंगे, तो वर्षों की मेहनत बर्बाद हो जाएगी।”
इस पर न्यायमूर्ति करिया ने कहा, “नहीं। हम मामले के गुण-दोष पर फैसला नहीं कर सकते। आप अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष अपनी दलीलें रखें।”
अवकाशकालीन पीठ एसोसिएशन की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें 12 जून के एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के आदेश को चुनौती दी गई थी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अपीलीय प्राधिकरण के रूप में कार्य कर रहे थे और उन्होंने उस दिन एस्टेट ऑफिसर द्वारा 20 मई को जारी बेदखली आदेश पर रोक लगाने के मुद्दे पर कोई फैसला नहीं सुनाया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र राणा ने 12 जून को भारतीय पोलो एसोसिएशन (आईपीए) को केंद्र सरकार के उस आदेश के खिलाफ अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था, जिसमें एसोसिएशन को जयपुर पोलो ग्राउंड खाली करने का निर्देश दिया गया था।
भाषा जोहेब प्रशांत
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