जयपुर, 15 जून (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित संवाद कार्यक्रम में छात्रों की भागीदारी रोकने की कोशिश कर रही है। यह कार्यक्रम 17 जून को कोटा में कथित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक मुद्दे पर आयोजित होना है।
गहलोत ने दावा किया कि छात्रों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह है, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी छात्रों से कथित नीट पेपर लीक से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम को मिले समर्थन से भाजपा 'घबरा' गई है। कांग्रेस नेता ने कोटा सांसद व लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय से जुड़े पदाधिकारियों पर कोचिंग संस्थानों, पीजी आवास और गेस्ट हाउस संचालकों पर दबाव डालने का आरोप लगाया, ताकि छात्र कार्यक्रम में शामिल न हों।
गहलोत ने आरोप लगाया, “कोचिंग, पीजी और गेस्ट हाउस संचालकों को फोन किए जा रहे हैं और उनसे कहा जा रहा है कि उनके संस्थानों से कोई भी छात्र कार्यक्रम में शामिल न हो।”
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि ऐसे कदम लोकतांत्रिक मानदंडों के विपरीत हैं और विपक्ष के नेता और छात्रों के बीच संवाद को रोकने के प्रयासों की आलोचना की।
गहलोत ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह के दृष्टिकोण का समर्थन नहीं करना चाहिए और उन्होंने छात्रों को कार्यक्रम में शामिल होने से रोकने के कथित प्रयासों को “निंदनीय” बताया।
राहुल गांधी 17 जून को कांग्रेस के अभियान के तहत कोटा का दौरा करेंगे, जो पेपर लीक, बेरोजगारी और छात्रों व युवाओं की चिंताओं पर केंद्रित है।
गहलोत के आरोपों पर बिरला के कार्यालय की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
भाषा बाकोलिया सुरभि
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