नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) इस साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम कोलकाता में आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी हिस्सा लेंगे। केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने सोमवार को यह जानकारी दी।
जाधव ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ रखी गई है, जो शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य और बढ़ती उम्र में सेहत को बनाए रखने में योग की भूमिका पर प्रकाश डालती है।
उन्होंने कहा, “इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता की ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित किया जाएगा।”
जाधव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है और दुनियाभर में लगभग 2,500 जगहों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में योग एक वैश्विक जन-आंदोलन बन गया है और दुनियाभर में लाखों लोगों ने इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बना लिया है।”
जाधव ने कहा कि इस साल की थीम हमारे समय की सबसे अहम जरूरतों में से एक पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि योग बढ़ती उम्र के साथ स्वस्थ, सक्रिय, आत्मनिर्भर और मानसिक रूप से मजबूत जीवन जीने में अहम भूमिका निभाता है।
जाधव ने कहा, “भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के समन्वय से विदेश में 210 से ज्यादा भारतीय मिशन दुनियाभर में लगभग 2,500 जगहों पर योग कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “यह दिखाता है कि कैसे योग भारत की सांस्कृतिक विरासत के रूप में अपनी शुरुआत से आगे बढ़कर स्वास्थ्य के लिए एक साझा वैश्विक आंदोलन बन गया है।”
जाधव ने कहा, “दुनियाभर में लोग पहले से कहीं ज्यादा लंबी जिंदगी जी रहे हैं। लेकिन असली चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि जिंदगी के ये अतिरिक्त साल सेहतमंद, सक्रिय, आत्मनिर्भर और सार्थक हों।”
उन्होंने कहा, “योग शारीरिक स्वास्थ्य को मजबूत करके, मानसिक सेहत को बढ़ावा देकर और जीवन की समग्र गुणवत्ता को बेहतर बनाकर स्वस्थ बुढ़ापे की ओर एक आजमाया हुआ कारगर रास्ता प्रदान करता है।”
जाधव ने बताया कि संस्कृति मंत्रालय देशभर में 100 जगहों पर ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ से जुड़े खास कार्यक्रम आयोजित करेगा, जिनमें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और योग परंपराओं को एक साथ लाया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने 13 से 20 जून तक आयोजित हो रही ‘गंगोत्री से गंगासागर : गंगा तट योग यात्रा’ का भी जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि गंगोत्री, हरिद्वार, वाराणसी, पटना, हुगली और गंगासागर जैसी जगहों को शामिल करते हुए इस पहल का मकसद योग को पर्यावरण की देखभाल, नदी संस्कृति और सामुदायिक भागीदारी से जोड़ना है।
जाधव ने कहा कि योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम से पहले कोलकाता में कई खास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 19 जून को शहर में ‘दौड़ से ध्यान’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जो शारीरिक फिटनेस और मानसिक सेहत के बीच संबंध को बढ़ावा देगा।
मंत्री के मुताबिक, 20 जून को ‘वंदे योगम’ और पश्चिम बंगाल दिवस के कार्यक्रमों में योग, देशभक्ति और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
भाषा पारुल प्रशांत
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