नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कहा कि उसने घर खरीदारों से कथित धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले में रियल एस्टेट कंपनी ‘रहेजा डेवलपर्स’ और उसके प्रवर्तक नवीन एम. रहेजा की करीब 503 करोड़ रुपये की नयी संपत्ति कुर्क की है।
एजेंसी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत संपत्ति को कुर्क करने का अनंतिम आदेश जारी किया।
एजेंसी द्वारा सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस आदेश के तहत रहेजा डेवलपर्स लिमिटेड की लगभग 503.48 करोड़ रुपये की मौजूदा बाजार कीमत वाली अचल संपत्तियों, और साथ ही नवीन एम. रहेजा तथा उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद संपत्तियों को कुर्क किया गया है।
ईडी की जांच कंपनी की कई रिहायशी परियोजनाओं में घर खरीदने वाले कई लोगों की शिकायत के आधार पर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की ओर से दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है।
ईडी के मुताबिक, जांच में खुलासा हुआ कि रहेजा डेवलपर्स ने अलग-अलग परियोजनाओं के करीब 4,600 घर खरीदारों से 2,425.99 करोड़ रुपये जुटाए थे।
एजेंसी ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान सबूत मिले, जिससे इंगित होता है कि ‘‘घर खरीदारों से एकत्र धन का एक बड़ा हिस्सा दूसरी जगहों पर लगाया गया। राशि का इस्तेमाल वादे के विपरीत उन परियोजनाओं को पूरा करने या विकसित करने में नहीं लगाया गया।’’
एजेंसी ने अप्रैल में रहेजा डेवलपर्स, उससे जुड़ी कंपनियों, प्रवर्तक नवीन एम. रहेजा और उनके परिवार के सदस्यों की संपत्ति कुर्क की थी, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत 1,113.81 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
ईडी ने बताया, ‘‘करीब 503.48 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क करने के साथ ही, इस मामले में अब तक जब्त की गई संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत करीब 1,617.29 करोड़ रुपये हो गई है।’’
भाषा
धीरज सुरेश
सुरेश