नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) दिल्ली के विनय नगर बंगाली सीनियर सेकेंडरी स्कूल के 11वीं कक्षा के एक छात्र ने अपने परीक्षा मूल्यांकन की स्वतंत्र समीक्षा के लिए शिक्षा विभाग का दरवाजा खटखटाया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
छात्र का आरोप है कि स्कूल में उत्पीड़न और भेदभाव के कारण उसकी मूल्यांकन प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
अधिकारियों को रविवार को सौंपे गए एक प्रतिवेदन में छात्र ने कहा कि सत्र की मध्यावधि परीक्षाओं में असंतोषजनक प्रदर्शन के बाद उसने स्व-अध्ययन, रिवीजन और ऑनलाइन पढ़ाई के जरिए अपने शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार किया था।
इसके बावजूद, बाद में उसे ‘बिजनेस स्टडीज’ विषय में अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया और उसे पूरक परीक्षा में बैठने के लिए कहा गया।
छात्र ने आरोप लगाया कि शैक्षणिक सत्र के दौरान उसे उत्पीड़न और भेदभाव का सामना करना पड़ा और कुछ ऐसी घटनाएं हुईं जिन्होंने उसके पढ़ाई के अनुभव पर बुरा असर डाला।
उसने यह भी दावा किया कि उसके खिलाफ की गई टिप्पणियों के कारण उसे मानसिक तनाव से गुजरना पड़ा, जिससे उसका आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा प्रभावित हुई।
इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए छात्र ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने तथा किसी बाहरी या स्वतंत्र परीक्षक से अपनी मुख्य परीक्षा और पूरक परीक्षा दोनों की उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराने का अनुरोध किया है।
इस प्रतिवेदन की प्रतियां दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, शिक्षा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजी गई हैं, ताकि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर सकें।
इस प्रतिवेदन में उठाए गए मुद्दों और आरोपों पर स्कूल प्रशासन की ओर से फिलहाल तुरंत कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है।
भाषा सुमित प्रशांत
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