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गडकरी ने सड़क परियोजनाओं की घोषणा की; अवसंरचना विकास को पूर्वोत्तर की तरक्की का इंजन बताया

(कुणाल दत्त)

शिलांग, 15 जून (भाषा) केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को पूर्वोत्तर के लिए कई अहम सड़क परियोजनाओं की घोषणा की और कहा कि अवसंरचना विकास इस क्षेत्र के लिए “तरक्की का इंजन” बनेगा।

सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने शिलांग के लैरिटी परफॉर्मिंग सेंटर में 15-16 जून को आयोजित ‘पूर्वोत्तर भारत अवसंरचना सम्मेलन एवं प्रदर्शनी, 2026’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि परियोजनाओं को पारदर्शी, समयबद्ध और परिणाम-केंद्रित तरीके से पूरा किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “वित्तीय लेखा परीक्षण बहुत जरूरी है, लेकिन प्रदर्शन का आकलन वित्तीय लेखा परीक्षण से भी कहीं ज्यादा अहम है। काम में पारदर्शिता और तत्परता होनी चाहिए।”

गडकरी ने एक ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करने का आह्वान किया, जिसमें पारदर्शिता, समयबद्धता, परिणाम-उन्मुख कार्य और भ्रष्टाचार-मुक्त वातावरण हो।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के विकास और तरक्की के लिए “पूरी तरह से प्रतिबद्ध” है।

गडकरी ने कहा, “हम पूर्वोत्तर क्षेत्र की अन्य राज्यों के बराबर प्रगति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

कार्यक्रम के मंच पर नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो और मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के साथ कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।

गडकरी ने पूर्वोत्तर के लिए कई अहम सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की घोषणा भी की। उन्होंने कहा, “मैं आपके लिए एक जरूरी घोषणा करना चाहता हूं। सिलचर-शिलांग (परियोजना), जो 165 किलोमीटर की ग्रीनफील्ड सड़क है, उसकी लागत 23,000 करोड़ रुपये होगी। इसी तरह, शिलांग-गुवाहाटी (परियोजना) भी 66 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड सड़क है, जिसकी लागत 8,500 करोड़ रुपये होगी। वहीं, गुवाहाटी-शिलांग (परियोजना) एक ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड परियोजना है, जिसकी डीपीआर (मसौदा परियोजना रिपोर्ट) तैयार की जा रही है। इस परियोजना की लागत 18,500 करोड़ रुपये होगी। यानी मैं लगभग 50,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की घोषणा कर रहा हूं।”

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सिलचर-शिलांग लाइन को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।

उन्होंने मेघालय के लिए भी कुछ परियोजनाओं की घोषणा की, जिसमें भू-धंसाव और भूस्खलन के प्रति संवेदनशील 72 जगहों को ठीक करके यात्रा के लिहाज से स्थिर मार्ग में बदलना शामिल है।

गडकरी ने नगालैंड के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से कहा, “मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि अगले 15 दिन में मैं राज्य का दौरा करूंगा, एक पैकेज की घोषणा करूंगा और सभी मुद्दों का समाधान करूंगा।”

गडकरी ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में नये हवाई अड्डे बनाए जा रहे हैं और सड़क व रेल अवसंरचना विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में विकसित किया जा रहा यह बुनियादी ढांचा “भविष्य में पूर्वोत्तर के लिए विकास के इंजन के तौर पर काम करेगा।”

केंद्रीय मंत्री ने अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा में संचालित राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी अलग-अलग बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का जिक्र किया।

उन्होंने कहा, “और मैं आपको यकीन दिलाना चाहता हूं कि यह सिर्फ एक ‘न्यूज रील’ है, ‘असली फिल्म’ तो अभी शुरू होनी बाकी है। इससे पूर्वोत्तर में अभूतपूर्व विकास होगा, उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र को फायदा मिलेगा और आपूर्ति शृंखला की लागत भी घटेगी।”

कार्यक्रम में संगमा ने कहा, “पहले हम सपने देखने की हिम्मत भी नहीं करते थे, लेकिन अब हम ऐसा कर रहे हैं और यही वह भरोसा है, जो हम अपने क्षेत्र में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों तक पहुंचाना चाहते हैं।”

इस सम्मेलन का उद्देश्य पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में विकास की संभावनाओं को तलाशना है।

इससे पहले दिन में, गडकरी ने मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) की एक बैठक में हिस्सा लिया और सम्मेलन के लिए विभिन्न कंपनियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

भाषा पारुल दिलीप

दिलीप