Breaking News

‘PM मोदी से हमारे रिश्ते अच्छे’, फ्रांस में द्विपक्षीय बैठक में बोले डोनाल्ड ट्रंप     |   'पीएम मोदी के साथ कई मुद्दों पर हुई बात', मीटिंग के बाद बोले डोनाल्ड ट्रंप     |   'मोदी शांत, संयमित और जबरदस्त...मैं उनके जैसा नहीं', पीएम की तारीफ में बोले डोनाल्ड ट्रंप     |   कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे पर PM मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी का आरोप, विशेषाधिकार समिति को सौंपी गई शिकायत     |   समाजवादी पार्टी के 25-26 सांसद टूटने को तैयार: केशव प्रसाद मौर्य     |  

दिल्ली हवाई अड्डे पर बांग्लादेशी प्रधानमंत्री के सलाहकार से जुड़ी घटना को लेकर भारतीय राजनयिक तलब

ढाका, 15 जून (भाषा) बांग्लादेश ने दिल्ली हवाई अड्डे पर अपने प्रधानमंत्री के एक सलाहकार से जुड़ी घटना को लेकर सोमवार को भारत के उप उच्चायुक्त पवन बधे को तलब करके ‘‘गहरी निराशा’’ व्यक्त की।

सरकारी समाचार एजेंसी ‘बीएसएस’ के अनुसार, रविवार शाम नयी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नियमित सुरक्षा जांच के दौरान आव्रजन अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के नीति एवं रणनीति मामलों तथा सूचना एवं प्रसारण संबंधी सलाहकार डॉ. जाहेद उर रहमान को रोका था।

समाचार एजेंसी ने विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से कहा कि मंत्रालय ने भारतीय उप उच्चायुक्त पवन बधे को तलब किया और इस घटना पर अपनी 'गहरी निराशा' व्यक्त की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शाहिदुल करीम ने कहा कि बधे दोपहर के समय विदेश मंत्रालय पहुंचे, जहां उन्हें विरोध पत्र सौंपा गया।

इससे पहले विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान ने कहा था कि सरकार इस मामले पर उचित कदम उठा रही है।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'यह एक अप्रत्याशित घटना है, और दुर्भाग्यपूर्ण भी।'

‘प्रोथोम आलो’ समाचार पत्र ने एक खबर में राजनयिक सूत्रों के हवाले से बताया कि हिंद महासागर तटीय क्षेत्रीय सहयोग संघ (आईओआरए) के वरिष्ठ अधिकारियों की समिति की 28वीं बैठक में भाग लेने के लिए भारत गए जाहेद उर रहमान से आव्रजन अधिकारियों ने पूछताछ की और उन्हें लगभग ढाई घंटे तक इंतजार कराया गया।

बीएसएस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बाद में भारतीय अधिकारियों ने उन्हें यात्रा जारी रखने की अनुमति दे दी, लेकिन उन्होंने वापस लौटने का फैसला किया।

जाहेद उर रहमान एक सामान्य बांग्लादेशी पासपोर्ट पर यात्रा कर रहे थे और उनके पास दक्षेस वीजा था। उनके पास राजनयिक पासपोर्ट नहीं था।

रहमान एक राजनीतिक टिप्पणीकार के रूप में जाने जाते हैं और अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना तथा उनकी सरकार के आलोचक रहे हैं।

भाषा जोहेब सुभाष

सुभाष