बेंगलुरु, 15 जून (भाषा) कर्नाटक सरकार ने लोक प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘कर्तव्य’ नामक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और जियो-फेंसिंग आधारित उपस्थिति प्रबंधन प्रणाली शुरू की है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
कर्नाटक सरकार की यह पहल मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की विभागीय सचिवों के साथ हुई पहली बैठक के बाद शुरू की गई है।
बैठक में उन्होंने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को कार्यालय समय के दौरान शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा जनता की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पहले की बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के तहत कर्मचारी डिजिटल रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद कार्यालय से बाहर जा सकते थे।
बयान में कहा गया कि इस कमी को दूर करने के लिए नयी प्रणाली को इस तरह विकसित किया गया है कि यह कार्यस्थल पर कर्मचारियों की मौजूदगी और उनकी भौगोलिक स्थिति का सटीक सत्यापन कर सके।
कर्नाटक की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश ने बयान में कहा कि ‘कर्तव्य’ केवल एक उपस्थिति एप्लिकेशन नहीं है, बल्कि यह नवाचार-आधारित शासन के प्रति कर्नाटक की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि ‘कर्तव्य’ जैसी पहलों के माध्यम से कर्नाटक न केवल सरकारी प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण कर रहा है, बल्कि शासन के भविष्य को भी नये सिरे से परिभाषित कर रहा है।
भाषा प्रचेता सुरेश
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