शिमला, 15 जून (भाषा) मैदानों इलाकों की गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहाड़ी इलाकों की ओर जा रहे हैं, जिसके कारण हिमाचल प्रदेश के कई प्रमुख मार्गों पर सप्ताहांत में घंटों तक यातायात जाम लगा रहा। इसके चलते कुछ पर्यटकों को अपनी यात्रा की योजना को बीच में ही रद्दकर वापस लौटना पड़ा।
रविवार को लगभग 22 किलोमीटर लंबे खज्जियार-डलहौजी मार्ग पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। लक्कड़मंडी मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और सैकड़ों पर्यटक कई घंटों तक जाम में फंसे रहे।
लक्कड़मंडी चंबा जिले में स्थित अत्यधिक ऊंचाई वाला पर्वतीय दर्रा और एक प्रमुख चौराहा है।
इस सुंदर क्षेत्र से होकर गुजरने वाला मार्ग डलहौजी से खज्जियार तक जाता है, जिसे व्यापक रूप से “भारत का मिनी स्विट्ज़रलैंड” कहा जाता है। सामान्य परिस्थितियों में जाम नहीं लगने पर यह यात्रा लगभग एक घंटे में पूरी हो जाती है।
जाम में फंसे लोगों ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब यातायात को सही तरीके से नियंत्रित भी नहीं किया जा सकता, तो पर्यटकों से अलग-अलग तरह के शुल्क वसूलने का क्या औचित्य है।
बिहार और बनारस से आए नाराज़ पर्यटकों ने बताया कि वे चार घंटे तक जाम में फंसे रहे। उन्होंने कहा कि उस समय अधिकारी “नदारद” थे और हर पर्यटन सीजन में भारी भीड़ आने के बावजूद यातायात प्रबंधन के लिए कोई ठोस योजना नजर नहीं आती।
बिहार से आई पर्यटक वसुंधरा ने कहा “हमने इस यात्रा पर काफी पैसे खर्च किए हैं, लेकिन यहां न तो शौचालय की सुविधा है और न ही पीने का पानी उपलब्ध है, और अब यातायात नियंत्रित करने के लिए पुलिस तैनात की गई है।”
स्थानीय लोगों ने बताया कि पर्यटन के सीजन में डलहौजी-खज्जियार मार्ग पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती रहती है, लेकिन इसके अनुपात में पार्किंग और यातायात प्रबंधन की सुविधाएं नहीं बढ़ाई गई हैं। उन्होंने कहा कि इसी कारण हर सीजन में लंबा जाम लगना आम बात हो गई है।
भाषा तान्या दिलीप
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