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व्यवस्था में जंग लग गया है: राजस्थान में बेंगलुरु के पुलिस अधिकारियों के रिश्वत लेते पकड़े जाने पर मंत्री प्रियंक खरगे

बेंगलुरु, 15 जून (भाषा) राजस्थान में दहेज उत्पीड़न मामले में बेंगलुरु के तीन पुलिस अधिकारियों के रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने की खबरें मीडिया में सामने आने के बाद कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने सोमवार को कहा कि उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि व्यवस्था में 'जंग लग गया' है और इसे ठीक करने में समय लगेगा।

खबरों के अनुसार, राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने तीन लोगों को जयपुर में रंगे हाथों पकड़ा, जिनमें बेंगलुरु के एचएएल थाने में तैनात एक महिला उप-निरीक्षक भी शामिल है। उन पर आरोप है कि वे दहेज उत्पीड़न मामले के एक आरोपी से रिश्वत ले रहे थे।

भाजपा ने भी पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार रोकने में विफलता को लेकर सरकार की आलोचना की।

खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंक ने कहा कि जैसे ही उन्हें इस बारे में पता चला, उन्होंने कार्रवाई की और संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया।

उन्होंने माना कि इस गिरफ्तारी से राज्य का सम्मान नहीं बढ़ा, खासकर तब जब लोगों की रक्षा करने वाले ही खुद उनका शोषण करने लगें।

मंत्री ने कहा, 'यह स्वीकार्य नहीं है। हमने उन्हें पहले ही निलंबित कर दिया है। मैंने वरिष्ठ अधिकारियों को यह जांच करने के निर्देश भी दिए हैं कि क्या इस मामले में कोई उच्च अधिकारी भी शामिल थे।'

साथ ही, मंत्री ने लोगों से यह देखने को कहा कि जब राज्य में भाजपा सरकार सत्ता में थी, तब क्या हुआ था।

उन्होंने कहा, “चाहे आर. अशोक हों, अरागा ज्ञानेंद्र हों या बसवराज बोम्मई, उनके कार्यकाल में कई घटनाएं हुईं। जब ​​वे गृह मंत्री थे तो क्या सभी थाने ठीक से काम कर रहे थे? क्या तब रिश्वतखोरी नहीं होती थी? अगर वे अब मुझ पर आरोप लगाना चाहते हैं तो क्या वे अपने समय में हुई घटनाओं की जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं?'

उन्होंने उनकी आलोचना करने वाले भाजपा नेताओं को आत्म-मंथन करने की चुनौती दी।

उन्होंने कहा, “क्या लोकायुक्त ने रिश्वत के मामले में भाजपा के एक विधायक को नहीं पकड़ा था? उसकी जिम्मेदारी किसने ली? क्या उन्होंने शर्मिंदगी जताई या कोई कार्रवाई करने की घोषणा की? अगर मुझसे जवाबदेही की उम्मीद की जाती है तो दूसरों को भी पहले यह दिखाना चाहिए कि वे भी जवाबदेह हैं। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक का काम गैर-जिम्मेदाराना बयान देना नहीं है।”

अशोक ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में इस घटना को लेकर प्रियंक की आलोचना की।

उन्होंने कहा, 'कांग्रेस सरकार में पुलिस वाले खुद ही चोर हैं! राज्य के गृह विभाग के लिए यह शर्म की बात है कि मादक पदार्थ तस्करी, डकैती और इसी तरह के मामलों में राज्य के 124 पुलिसकर्मियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।'

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रियंक के गृह मंत्री का पद संभालने के बाद से विभाग की प्रतिष्ठा और गरिमा राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल हो रही है, और इसके लिए उन्होंने राजस्थान की घटना का उदाहरण दिया।

भाषा

शुभम प्रशांत

प्रशांत