प्रयागराज, 15 जून (भाषा) सामाजिक एवं पर्यावरण कार्यकर्ता दीपक शर्मा ने गंगा और यमुना नदी में कथित तौर पर बिना शोधन अवजल प्रवाहित करने के खिलाफ सोमवार को प्रयागराज नगर निगम कार्यालय के बाहर ‘कॉकरोच-प्रदर्शन’ किया।
शर्मा ‘कॉकरोच’ की वेश धारण कर निगम कार्यालय पहुंचे।
उन्होंने दावा किया कि यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित प्रशासनिक विभागों की उस विफलता के विरोध में है जिसके कारण वृंदावन से लेकर प्रयागराज संगम तक नदियों में बिना शोधन अवजल छोड़ा जा रहा है।
शर्मा ने दावा किया कि नगर निगम मथुरा-वृंदावन द्वारा जारी पत्र में स्वीकार किया गया है कि नालों को नदी में मिलने से रोकने एवं अवजल शोधन संयंत्र (एसटीपी) संचालन की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) की है। इसके बावजूद कई नालों का जहरीला जल सीधे यमुना में गिर रहा है।
शर्मा ने कहा कि इससे त्रिवेणी संगम क्षेत्र प्रभावित हो रहा है, जलीय जीवों का जीवन संकट में है और उच्चतम न्यायालय एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी)के आदेशों का उल्लंघन हो रहा है।
उन्होंने प्रशासन को 15 दिनों के भीतर प्रभावी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि नालों को सीधे में नदी से मिलने से रोका नहीं गया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को उच्च न्यायालय एवं राज्य स्तर तक ले जाया जाएगा।
भाषा राजेंद्र
धीरज
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