(श्रुति भारद्वाज)
नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) दिल्ली सरकार बच्चों को राजधानी की समृद्ध विरासत से परिचित कराने और उसे जानने के लिए प्रोत्साहित करने की अपनी तरह की पहली पहल के तहत कक्षा 4 से 6 तक के विद्यार्थियों के लिए पासपोर्ट जैसी एक पुस्तिका पेश करेगी।
इस पुस्तिका में शहर के 23 स्मारकों के बारे में जानकारी दी जाएगी, जहां भ्रमण के दौरान बच्चे दिल्ली के इतिहास के बारे में जान सकेंगे।
शिक्षा विभाग दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) के सहयोग से यह पुस्तिका पेश करने पर काम कर रहा है।
एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि यह कार्यक्रम 15 अगस्त के बाद शुरू किए जाने की संभावना है और यह छह महीने तक चलेगा।
अधिकारी ने कहा कि यात्रा पासपोर्ट के आधार पर तैयार की गई इस पुस्तिका के पहले पृष्ठ पर छात्र का फोटो और बुनियादी विवरण होगा, जबकि बाकी पृष्ठों पर दिल्ली के 23 स्मारकों की संक्षिप्त जानकारी और मुहर लगाने के लिए निर्धारित स्थान होंगे, जहां बच्चे अपने भ्रमण के दौरान मुहरें लगवा सकेंगे।
अधिकारी ने कहा, 'इसका उद्देश्य बच्चों के लिए विरासत की खोज को रोमांचक बनाना है।'
उन्होंने कहा कि केवल पाठ्यपुस्तकों के माध्यम से स्मारकों को देखने के बजाय छात्रों को वहां जाकर उनके इतिहास को जानने और शहर की सांस्कृतिक विरासत को प्रत्यक्ष रूप से समझने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
भाषा जोहेब दिलीप
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