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भारतीय नाविकों पर हमला मामले में सरकार की प्रतिक्रिया की वाम दलों ने आलोचना की

नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) वाम दलों ने अमेरिकी नौसेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के मामले में केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया को सोमवार को कमजोर बताया और कहा कि जिम्मेदार लोगों को दंडित कराने के लिए सभी कूटनीतिक माध्यमों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

माकपा महासचिव एम. ए. बेबी, भाकपा महासचिव डी. राजा, भाकपा (माले) लिबरेशन के नेता दीपांकर भट्टाचार्य, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के नेता जी. देवराजन और आरएसपी के मनोज भट्टाचार्य ने यहां जारी एक संयुक्त बयान में मृत नाविकों के परिजनों को 'उचित मुआवजा' देने की भी मांग की।

इन नेताओं ने इन नाविकों के मारे जाने के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन करने की भी घोषणा की।

वाम नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने स्वतंत्र विदेश नीति से पीछे हटकर और अमेरिका की ‘‘कनिष्ठ साझेदार’’ बनकर अपने कर्तव्य का घोर उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं पर सरकार की कमजोर प्रतिक्रिया और अमेरिका से माफी मंगवाने में उसकी विफलता इसका ताजा उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि यह भारत की संप्रभुता और स्वाभिमान का अपमान है।

बयान में कहा गया, 'हम भारतीय नाविकों वाले व्यापारिक जहाजों पर अमेरिकी नौसेना द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में किए गए कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा करते हैं। इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई।'

बयान में कहा गया, 'भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर यह तीसरा हमला है। अमेरिकी सरकार किसी भी ऐसे जहाज पर हमला जारी रखने की धमकी दे रही है, जो उसकी नाकेबंदी का उल्लंघन करेगा।'

वामपंथी दलों ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन की ये कार्रवाइयां संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता के सिद्धांतों के खिलाफ हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका पूरी दुनिया पर अपना वर्चस्व थोपने की कोशिश करने वाले किसी गैंगस्टर की तरह व्यवहार कर रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।’’

भाषा हक हक अमित

अमित