नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में जेल में बंद तीन आरोपियों से पूछताछ की अनुमति मांगने संबंधी केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की अर्ज़ी सोमवार को मंजूर कर ली।
न्यायमूर्ति सुरेन्द्र मोहित सिंह सीबीआई की उस अर्जी पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें न्यायिक हिरासत में बंद तीन आरोपियों --मनीषा संजय वाघमारे, धनंजय निवृत्ति लोखंडे और शुभम मधुकर खैरनार-- से पूछताछ की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था।
अर्जी में कहा गया, ‘‘यह खुलासा हुआ है कि आरोपी (तीनों) मुख्य षड्यंत्रकारी हैं, जिन्होंने तीन मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा से पहले आर्थिक लाभ के बदले प्रश्नपत्र लीक किये जाने और उनके प्रसार में भूमिका निभाई थी।’’
इसमें अदालत से जांच के संबंध में आवश्यक स्पष्टीकरण प्राप्त करने के लिए आरोपियों से पूछताछ की अनुमति मांगी गई थी।
लोखंडे और खैरनार को 13 मई को गिरफ़्तार किया गया था, जबकि वाघमारे को इसके अगले दिन गिरफ़्तार किया गया। बाद में, उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई 17 जून को वाघमारे से, इसके अगले दिन लोखंडे से और 19 जून को खैरनार से पूछताछ करेगी।
इस बीच, अदालत ने आरोपी यश यादव, मांगीलाल खटीक, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, धनंजय लोखंडे, मनीषा संजय हवलदार, मनोज शिरुरे, तेजस शाह और शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ा दी। इन सभी को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश किया गया था।
मामले में सीबीआई ने अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, वे सभी अभी न्यायिक हिरासत में हैं।
मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट-यूजी परीक्षा तीन मई को आयोजित की गई थी, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने इसे 12 मई को रद्द कर दिया।
अब पुनर्परीक्षा 21 जून को होने वाली है।
भाषा सुभाष सुरेश
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