Breaking News

पुरानी दिल्ली रेलवे पर हादसा, एक व्यक्ति की मौत     |   विजयवाड़ा में CM नायडू ने रामदेव बाबा की जमकर की तारीफ     |   डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत अमेरिका-ईरान वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड रवाना     |   दिल्ली के शाहदरा में घर में लगी आग, मौके पर पहुंचीं 6 दमकल गाड़ियां     |   ईरान के अरबों डॉलर फंड पर अमेरिका-कतर बना रहे योजना     |  

केरल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री मंगलवार से शुरू होने वाली स्व-गणना प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे

तिरुवनंतपुरम, 15 जून (भाषा) केरल के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर और मुख्यमंत्री वी डी सतीशन मंगलवार से शुरू होने वाली स्व-गणना प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे।

यह प्रक्रिया देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना मानी जा रही ‘जनगणना-2027’ की तैयारियों का हिस्सा है।

सोमवार को जारी एक बयान के अनुसार, 16 जून से 30 जून तक 15 दिनों के लिए जनगणना पोर्टल पर स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके तहत नागरिक घर-घर जाकर सर्वेक्षण शुरू होने से पहले अपने परिवार और घर से संबंधित जानकारी स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।

बयान के अनुसार, राज्यपाल आर्लेकर 16 जून को सुबह 11 बजे लोक भवन में स्व-गणना पोर्टल पर अपना विवरण दर्ज करेंगे।

मुख्यमंत्री सतीशन उसी दिन दोपहर 12:30 बजे इस प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे, जिसके बाद मुख्य सचिव ए. जयतिलक भी इसमें भाग लेंगे।

बयान में कहा गया है कि राज्य के पुलिस महानिदेशक 17 जून को पुलिस मुख्यालय में स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी करेंगे।

जनगणना-2027 का पहला चरण ‘‘गृह सूचीकरण एवं आवास जनगणना’’ एक जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक पूरे केरल में आयोजित किया जाएगा।

दूसरा चरण ‘जनसंख्या गणना’ फरवरी 2027 में निर्धारित है।

अधिकारियों ने बताया कि जनगणना-2027 एक महत्वपूर्ण अभ्यास होगा, जिसमें आंकड़ों के संग्रह, संकलन और प्रसार के लिए डिजिटल उपकरणों का उपयोग किया जाएगा, जिससे कार्य की दक्षता, सटीकता और गति बढ़ेगी।

गृह सूचीकरण एवं आवास जनगणना के लिए 33 प्रश्न अधिसूचित किए गए हैं।

राज्य सरकार पहले ही लोगों से सही जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग की अपील करते हुए अधिसूचना जारी कर चुकी है।

स्व-गणना पोर्टल पर दर्ज की गई जानकारी का सत्यापन गणनाकर्ता अपने क्षेत्रीय दौरे के दौरान करेंगे।

अधिकारियों के अनुसार, जनगणना के लिए राज्यभर में लगभग 61,282 गणनाकर्ताओं और 10,189 पर्यवेक्षकों की पहचान की गई है, जिनमें अधिकतर शिक्षक और अन्य सरकारी कर्मचारी हैं।

गणनाकर्ता आंकड़े जुटाने के लिए विशेष मोबाइल ऐप का उपयोग करेंगे, जबकि पूरी प्रक्रिया का संचालन जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।

जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 के तहत आयोजित भारतीय जनगणना को दुनिया के सबसे बड़े प्रशासनिक और सांख्यिकीय अभियानों में से एक माना जाता है।

अधिकारियों ने बताया कि यह देश के इतिहास की 16वीं जनगणना और स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी।

भाषा

राखी सुरेश

सुरेश