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केंद्र ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत बंगाल के लिए 8,500 करोड़ रुपये आवंटित किए: शुभेंदु अधिकारी

(तस्वीरों सहित)

कोलकाता, 15 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि केंद्र ने राज्य को ‘वीबी जी-राम जी’ (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण) योजना के तहत 8,500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026-27 के लिए योजना के तहत पश्चिम बंगाल को 8,508 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह राशि उत्तर प्रदेश के बाद देश में दूसरी सबसे अधिक है। उत्तर प्रदेश के लिए 9,721.48 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

शुभेंदु ने कहा कि केंद्र ने ग्राम सड़क योजना के तहत 2,400 करोड़ रुपये के आवंटन को मंजूरी दी है और 1,000 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।

पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम से राज्यव्यापी ‘जन कल्याण शिविर’ कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इस योजना के तहत केंद्र ने पश्चिम बंगाल के लिए लगभग 8,500 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित होगी।’’

उन्होंने कहा कि 15 से 17 जून तक आयोजित होने वाले 1,100 ‘जन कल्याण शिविर’ के जरिए लोग केंद्रीय और राज्य सरकार की 54 योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार का यह पहला जनसंपर्क कार्यक्रम है। लोग सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे के बीच शिविरों में पहुंचकर विभिन्न कल्याण योजनाओं की जानकारी ले सकते हैं और आवेदन जमा कर सकते हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण योजनाओं का लाभ अवैध प्रवासियों तक नहीं पहुंचना चाहिए और उन्होंने ऐसे परिवारों को लाभ देने पर सवाल उठाया जो अपने बच्चों को मान्यता प्राप्त स्कूलों में नहीं भेजते या जहां ‘वंदे मातरम’ नहीं गाया जाता।

पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में लाभार्थी डेटाबेस में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए शुभेंदु ने कहा कि सरकार कल्याणकारी योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करना चाहती है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे, न कि फर्जी खाताधारकों तक।’’

उद्घाटन के पहले दिन कई स्थानों पर आवेदकों की लंबी कतारें देखी गईं। इन शिविरों में अन्नपूर्णा योजना, आयुष्मान भारत सहित 54 योजनाओं को शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया ‘वीबी-जी राम जी’ योजना ने मनरेगा की जगह ली है और यह ग्रामीण परिवारों को सालाना 125 दिन के रोजगार की गारंटी देती है।

शुभेंदु ने कहा कि ‘वीबी-जी राम-जी’ योजना के तहत पश्चिम बंगाल को मिला यह बड़ा आवंटन ग्रामीण आजीविका को मजबूती देगा और राज्यभर में विकास कार्यों को गति प्रदान करेगा।

पश्चिम बंगाल के लिए इस योजना के तहत 8,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित किया जाना इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे पहले तृणमूल कांग्रेस सरकार लगातार केंद्र पर मनरेगा के तहत दी जाने वाली राशि रोकने का आरोप लगाती रही है। सौ दिन के रोजगार की गारंटी वाली इसी योजना की जगह अब ‘वीबी-जी राम-जी’ योजना लाई गई है।

तृणमूल सरकार का आरोप था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार ने मनरेगा के तहत पश्चिम बंगाल के 17,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि रोक रखी है। राज्य सरकार का दावा था कि उसने लाभार्थियों को अपने संसाधनों से भुगतान किया है।

हालांकि, केंद्र सरकार का कहना था कि योजना के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं के कारण धनराशि जारी करने की प्रक्रिया रोक दी गई थी।

भाषा खारी मनीषा

मनीषा