Breaking News

जम्मू कश्मीर के सोपोर में AK-47, हैंड ग्रेनेड समेत भारी मात्रा में हथियार बरामद     |   मुंबई में मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में जलभराव, अंधेरी सबवे बंद     |   यूरोप में भीषण गर्मी का कहर: फ्रांस में 1,000 से अधिक लोगों की मौत, अलर्ट जारी     |   थाईलैंड में मर्डर: सूटकेस में मिली 17 साल की थाई लड़की की लाश, ऑस्ट्रेलियाई गिरफ्तार     |   पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में बरसाए बम, 34 की मौत, 40 जख्मी     |  

यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अधिकारी हमारे संतों-महंतों की जांच करेंगे : अखिलेश यादव

लखनऊ/आगरा, 14 जून (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर दान में कथित गड़बड़ी की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अधिकारी संतों-महंतों की जांच करेंगे।

यादव ने रविवार को आगरा में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'चढ़ावे की कथित चोरी के बाद यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अधिकारी हमारे धर्म और मंदिर से जुड़े लोगों की जांच करेंगे।'

उन्होंने एसआईटी जांच पर सवाल उठाते हुए पूछा, 'क्या अधिकारी उन लोगों की जांच करेंगे जो हमारे धर्म को आगे बढ़ा रहे हैं? सनातन धर्म के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है?'

उत्तर प्रदेश सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दान और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े आरोपों की जांच के लिए शनिवार को तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी।

राम मंदिर को दिए गए दान से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख ने कहा, 'अगर भगवान राम को चढ़ाए गए चढ़ावे के साथ कुछ हुआ है, तो कैमरे बंद कर दें और आपस में चर्चा कर लें।'

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'जो भी चढ़ावा चोरी हुआ है, उसे वापस कर दें । भगवान राम आपको माफ कर देंगे।'

यादव ने इस जांच को आस्था का अपमान भी बताया और कहा, 'अधिकारी हमारे भगवान के पुजारियों की जांच करेंगे। यह सनातन धर्म का अपमान है।'

उन्होंने कहा, 'इतनी पवित्र और प्रतिष्ठित जगह से जुड़े संतों और साधुओं की अधिकारियों द्वारा जांच किया जाना ऐसी बात है जिसे सनातन धर्म के अनुयायी स्वीकार नहीं कर सकते।'

उन्होंने कहा कि अगर कैमरे और लाइट बंद कर दी जाएं, तो 'कोई खुद ही भगवान राम के सामने चढ़ावा वापस रख देगा।'

अधिकारियों के अनुसार, एसआईटी का गठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ट्रस्ट के अनुरोध के बाद किया गया था।

ट्रस्ट ने सोशल मीडिया पर जारी चर्चाओं की जांच करने और सच्चाई सामने लाने' के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की थी और आरोप लगाया था कि राम मंदिर की छवि खराब करने की कोशिशें की जा रही हैं।

एसआईटी में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।

भाषा चंदन आनन्द जोहेब

जोहेब