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होसबाले की टिप्पणी पर भागवत ने कहा, उनका संदर्भ देश के बजाय लोगों से था

तिरुवनंतपुरम, 13 जून (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबाले के उस बयान का शनिवार को बचाव किया, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के साथ बातचीत के लिए एक विकल्प खुला रखने की बात कही थी। भागवत ने कहा कि होसबाले ने पड़ोसी देश के लोगों के संदर्भ में यह बात कही थी।

मई में ‘पीटीआई वीडियो’ के साथ एक साक्षात्कार में होसबाले की टिप्पणी को लेकर आरएसएस के दृष्टिकोण से जुड़े सवाल पर भागवत ने कहा कि संगठन पाकिस्तान के संबंध में केंद्र सरकार की नीति का पालन करेगा।

उन्होंने आरएसएस के शताब्दी समारोह के तहत यहां आयोजित एक संवाद सत्र में कहा, ‘‘लेकिन पाकिस्तान में ऐसे कई लोग हैं जो मानते हैं कि भारत का बंटवारा गलत था और वहां के कई पत्रकार आरएसएस और उसके काम की तारीफ़ करते हैं। वहां ऐसे लोगों की एक बड़ी संख्या है जो पाकिस्तान के खिलाफ और दो-राष्ट्र सिद्धांत के विरोध में हैं तथा कहते हैं कि साथ रहना बेहतर था।’’

भागवत ने कहा कि अगर भविष्य में भारत को पाकिस्तान को बुरी तरह हराना है, तो वहां के लोगों को या तो भारत में शामिल करना होगा या फिर उन्हें उसी देश में शांति से रहने लायक बनाना होगा और ‘‘इसके लिए बातचीत के दरवाज़े खुले रखने होंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम हिटलर जैसे नहीं हैं। यह हमारा स्वभाव या तरीका नहीं है। इसलिए हमें कोई न कोई रास्ता खुला रखना चाहिए। हमें अन्याय और अत्याचार को खत्म करना चाहिए, लेकिन जो अच्छा है, उसे भी बचाकर रखना चाहिए।’’

भाषा आशीष रंजन

रंजन