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बीडीओ से दुर्व्यवहार के आरोप में महिला सरपंच गिरफ्तार, कांग्रेस ने जांच की मांग की

केंद्रपाड़ा (ओडिशा), 13 जून (भाषा) ओडिशा पुलिस ने शनिवार को एक महिला सरपंच को ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने और उन्हें उनके आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोकने के आरोप में गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

केंद्रपाड़ा जिले के महाकालपाड़ा ब्लॉक की तिखिरी ग्राम पंचायत की सरपंच चमेली ओझा (33) और उनके भाई सूर्यकांत को गिरफ्तार कर लिया गया। यह गिरफ्तारी बृहस्पतिवार को प्रखंड कार्यालय में हुई एक घटना के बाद बीडीओ की आधिकारिक शिकायत पर की गई।

जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिद्धार्थ कटारिया ने बताया कि महाकालपाड़ा के बीडीओ रबी नारायण आचार्य की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि ओझा और उनके भाई ने उसके साथ बदसलूकी की, उसे सरकारी काम करने से रोका और प्रखंड कार्यालय के अंदर उसका गैर-कानूनी तरीके से वीडियो बनाया।

उसने बताया कि सरपंच और उनके भाई ने जांच के लिए कार्यालय पहुंचे दो पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट की।

भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद उनके भाई को गिरफ्तार कर लिया गया और ओझा को हिरासत में ले लिया गया।

एसपी कटारिया के मुताबिक, हिरासत के दौरान ओझा की तबीयत खराब हो गई और उन्हें जिला मुख्यालय के अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों द्वारा स्वस्थ घोषित किए जाने के बाद उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जिसने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

पुलिस ने बताया कि सरपंच और उनके भाई पर हत्या की कोशिश, सरकारी कर्मचारी को चोट पहुंचाना, गलत तरीके से रोकना और सरकारी कर्मचारी को काम करने से रोकने समेत कई आरोप लगाए गए हैं।

ओझा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि लंबित बिलों के भुगतान की मंजूरी लेने के लिए जब वह बीडीओ से मिलने गईं, तब पुलिस और स्थानीय भाजपा विधायक के समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की। हालांकि, पुलिस ने कहा कि आधिकारिक कार्य में बाधा डालने और दुर्व्यवहार की शिकायत मिलने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था। सत्तारूढ़ दल ने भी इन आरोपों को खारिज कर दिया।

वहीं, ओझा की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने उनके साथ कथित मारपीट में शामिल पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

दास ने शनिवार को केंद्रपाड़ा का दौरा किया और ओझा के परिजनों के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी सहित जिला अधिकारियों से मुलाकात की।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरपंच के साथ कथित मारपीट और उसके बाद उनकी गिरफ्तारी के विरोध में महाकालपाड़ा पुलिस थाने के सामने धरना दिया।

केंद्रपाड़ा की पूर्व विधायक सिप्रा मलिक, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देबस्मिता शर्मा और अन्य नेताओं ने कथित मारपीट की घटना में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

दास ने संवाददाताओं से कहा कि महिला सरपंच के साथ कथित मारपीट महाकालपाड़ा के भाजपा विधायक दुर्गा प्रसन्न नायक, स्थानीय भाजपा नेताओं और बीडीओ के इशारे पर की गई।

उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री को निष्पक्ष जांच के आदेश देने चाहिए और निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि पर हमला करने तथा उनके साथ दुर्व्यवहार करने के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करनी चाहिए।’’

दास ने मुख्यमंत्री को लिखे ओझा के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि सरपंच ने बीडीओ पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का भुगतान रोककर उनकी पंचायत में विकास कार्यों में बाधा पहुंचाई।

उन्होंने ओझा और उनके भाई की ‘‘अवैध गिरफ्तारी’’ को लेकर पुलिस की भी आलोचना की।

इससे पहले, बीजद ने भी इस घटना की निंदा की थी और आरोप लगाया था कि स्थानीय राजनीतिक नेताओं तथा अधिकारियों के इशारे पर यह कथित हमला किया गया। पार्टी ने इसमें ‘‘शामिल’’ पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

भाषा राखी रंजन

रंजन