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गोवा: 1.22 करोड़ वर्ग मीटर में फैले नमक, मैंग्रोव और धान के खेत निर्माण निषेध क्षेत्र घोषित

पणजी, 13 जून (भाषा) गोवा सरकार ने शनिवार को तिसवाड़ी और सालसेत तालुका में 1.22 करोड़ वर्ग मीटर भूमि को ‘निर्माण निषेध क्षेत्र’ घोषित कर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि मंत्री विश्वजीत राणे की अध्यक्षता वाले नगर एवं ग्राम नियोजन बोर्ड ने राज्यभर में भूमि उपयोग से जुड़े बदलावों की अधिसूचना जारी की, जिसके तहत बड़े भू-भाग को ‘निर्माण निषेध क्षेत्र’ के दायरे में लाया गया।

अधिसूचना के अनुसार, तिसवाड़ी और सालसेत तालुकाओं में कुल 1.22 करोड़ वर्ग मीटर (करीब 3,015 एकड़) भूमि को ‘निर्माण निषेध क्षेत्र’ घोषित किया गया है। पुनर्वर्गीकृत भूमि में उत्तरी गोवा के तिसवाड़ी तालुका के बाटिम गांव में 22.64 लाख वर्ग मीटर, करंबोलिम में 54.1 लाख वर्ग मीटर, गनसाइम में 2.75 लाख वर्ग मीटर और कालापुर में 19.83 लाख वर्ग मीटर भूमि शामिल है।

इसके अलावा, अधिसूचना में दक्षिण गोवा के सालसेत तालुका स्थित बेनौलिम में 18.05 लाख वर्ग मीटर और कैवेलोसिम में 8.21 लाख वर्ग मीटर जमीन को ‘निर्माण निषेध क्षेत्र’ घोषित किया गया है।

अधिसूचना में बताया गया कि इन तालुकाओं में मैंग्रोव, नमक के खेतों और धान के खेतों वाले इलाकों को ‘निर्माण निषेध क्षेत्र’ घोषित किया गया है।

राणे ने पत्रकारों से कहा कि सरकार ‘क्षेत्रीय योजना, 2021’ की उन गलतियों को सुधारेगी जिनमें हरी-भरी जमीन को रिहायशी इलाका दिखाया गया था।

उन्होंने कहा, “जमीन के इन हिस्सों को फिर से ‘निर्माण निषेध क्षेत्र’ का दर्जा दिया जा रहा है। यह प्रक्रिया भविष्य में भी जारी रहेगी।”

भाषा जितेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल