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लेह: पर्यावरण को बचाने के लिए 9.12 करोड़ रुपये का मल-जल शोधन संयंत्र बनाने की मंज़ूरी

लेह, 13 जून (भाषा) लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने केंद्र शासित प्रदेश के पर्यावरण को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए शनिवार को यहां लगभग 9.12 करोड़ रुपये की लागत से एक ‘विकेंद्रीकृत मल-जल शोधन संयंत्र’ बनाने की मंजूरी दे दी ताकि अनुपचारित जल नदियों में न जा सके।

सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस परियोजना को लेह शहर में गंदे पानी के प्रबंधन को बेहतर बनाने और साथ ही केंद्र शासित प्रदेश के पर्यावरण की सुरक्षा के लिए एक सतत एवं लंबे समय तक चलने वाले उपाय के तौर पर तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि संयंत्र से गंदा पानी बनने की जगह के पास ही उसका शोधन हो सकेगा, जिससे बड़े सीवर नेटवर्क पर बोझ काफी कम होगा और गंदा पानी एवं मल नदी के बेसिन में नहीं जा पाएगा।

प्रवक्ता ने बताया कि उपराज्यपाल ने इस परियोजना के लिए प्रशासनिक मंजूरी और खर्च की अनुमति दे दी है।

उन्होंने कहा कि साथ ही, नया काम शुरू करने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को केंद्र शासित प्रदेश की कुल बचत में से शुरुआती तौर पर 1.80 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि गंदे पानी का उसके स्रोत पर ही शोधन करने, नदियों व नालों को साफ करने, पानी को दोबारा इस्तेमाल में लाने तथा पर्यावरण व स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम करने के लिए विकेंद्रीकृत व्यवस्था अपनाई गई है।

उन्होंने कहा कि इससे भूमि का भी बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो रहा है।

प्रवक्ता ने बताया कि इससे बड़े केंद्रीय शोधन संयंत्र स्थापित करने के लिए आवश्यक विशाल भूमि, भारी निवेश और लंबे समय की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

भाषा जितेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल