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ओडिशा में महिला सरपंच से 'मारपीट' को लेकर विवाद, विपक्षी दलों ने कार्रवाई की मांग की

भुवनेश्वर/केंद्रपाड़ा, 12 जून (भाषा) ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में एक महिला सरपंच के साथ कथित तौर पर मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है और विपक्षी दलों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

महाकालपाड़ा ब्लॉक के तीखीरी ग्राम पंचायत की सरपंच चमेली ओझा (33) को ब्लॉक कार्यालय में हुए एक विवाद के बाद बृहस्पतिवार को स्थानीय पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।

ओझा ने आरोप लगाया कि पुलिस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय विधायक के समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें अपमानित किया। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि आधिकारिक काम में बाधा डालने और दुर्व्यवहार की शिकायत मिलने के बाद सरपंच को हिरासत में लिया गया था।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को लिखे पत्र में ओझा ने आरोप लगाया कि उनकी पंचायत में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं क्योंकि पूरी हो चुकी परियोजनाओं का भुगतान रोका जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि जब वह लंबित बिलों के भुगतान के सिलसिले में ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) के पास गईं, तो महाकालपाड़ा के भाजपा विधायक दुर्गा प्रसन नायक के कुछ समर्थकों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।

ओझा ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस थाने ले जाते समय पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की। उन्होंने कुछ लोगों पर दुष्प्रचार के जरिए उनकी छवि खराब करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।

इस घटना की निंदा करते हुए बीजू जनता दल (बीजद) की सांसद सुलता देव ने कहा, ‘‘एक तरफ जहां राज्य सरकार सत्ता में अपने दो साल पूरे होने का जश्न मना रही है, वहीं दूसरी तरफ एक चुनी हुई महिला प्रतिनिधि को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।’’

बीजद सांसद ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री दावा करते हैं कि महिला सशक्तीकरण सरकार के मुख्य उद्देश्यों में से एक है, लेकिन जिस तरह से भाजपा समर्थित चुनी गई एक महिला प्रतिनिधि को हमले का शिकार होना पड़ा है, उसने भाजपा के दोहरे मानदंडों को उजागर कर दिया है।

इस बीच, कांग्रेस, बीजद और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेताओं के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रपाड़ा के जिलाधिकारी से मुलाकात की और घटना में कथित रूप से शामिल पुलिस, बीडीओ और अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

भाषा रवि कांत रवि कांत खारी

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