नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) दक्षिण पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में एक इमारत में आग लगने से जान गंवाने वाले पंकज को पहले बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन वह अपने परिवार के सदस्यों की तलाश में वापस आग की लपटों के बीच इमारत घुस गए और उनकी मौत हो गई।
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में बृहस्पतिवार और शुक्रवार की दरमियानी पांच मंजिला आवासीय इमारत में लगी भीषण आग में तीन लोगों की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस के अनुसार, गोविंदपुरी थाने में देर रात करीब 2.31 बजे आग लगने के संबंध में सूचना दी गई।
पुलिस ने कहा कि मृतकों की पहचान पंकज (28), उसकी बहन सोनी (20) और उनकी नानी सुशीला देवी (70) के रूप में हुई है, जो सभी इमारत की तीसरी मंजिल पर रहते थे।
पंकज की दूसरी बहन मोनी (18) और उनकी मां गुड्डी देवी (50) गंभीर रूप से झुलस गईं और उनका इलाज चल रहा है।
पीड़ितों के पड़ोसी सौरभ शर्मा ने कहा कि जैसे ही आग भड़की, स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े।
उन्होंने कहा, 'हमने पंकज को लगभग बचा ही लिया था। जैसे ही दमकल अधिकारियों ने आग पर काबू पाया, हम बचे हुए लोगों की तलाश के लिए इमारत में भागे।'
उन्होंने बताया कि उन्हें पंकज भूतल पर एक कमरे में मिला। उन्होंने कहा, 'जब मैंने उन्हें देखा तो मुझे बहुत राहत मिली। हमने उन्हें कंधों से पकड़ा और अर्ध-चेतन अवस्था में इमारत से बाहर ले आए।'
शर्मा के अनुसार, लेकिन पंकज ने न तो अपनी सुरक्षा की परवाह की और न ही अपनी जान की।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, 'जब हम उन्हें बाहर ला रहे थे, तो वह केवल अपने परिवार के बारे में जानना चाहते थे। फिर उन्होंने वह किया जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती थी। अपने परिवार के सदस्यों को खोजने के प्रयास में, वह आग की लपटों के बीच तुरंत वापस इमारत में जा घुसे।'
स्थानीय लोगों ने बताया कि वह इमारत की दूसरी मंजिल तक पहुंच ही गए थे, लेकिन धुएं के कारण उनकी सांसें धीमी हो गईं और वे बचाव कर्मियों को दूसरी मंजिल पर पूरी तरह से अचेत मिले और उनकी मौत हो चुकी थी।
भाषा नोमान नोमान पवनेश
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