नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) एअर इंडिया के एआई-171 विमान दुर्घटना का एक साल पूरे होने पर एक अमेरिकी जांचकर्ता ने कहा कि इस हादसे के हर आंकड़े, मलबे के टुकड़े तथा निष्कर्ष के पीछे वास्तविक लोग हैं।
लंदन जा रही एआई-171 उड़ान पिछले साल 12 जून की दोपहर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 241 यात्री और चालक दल के सदस्य तथा जमीन पर मौजूद 19 लोग शामिल थे। विमान में सवार केवल एक यात्री जीवित बचा था।
इस दुर्घटना में मारे गए लोगों में भारत, ब्रिटेन, पुर्तगाल और कनाडा के नागरिक शामिलत थे।
इस दुर्घटना की जांच में शामिल ‘फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन’ (एफएए) के वरिष्ठ हवाई एवं अंतरिक्ष दुर्घटना अन्वेषक/ फ्लाइट रिकॉर्डर विशेषज्ञ पैट्रिक लश ने शुक्रवार को कहा कि यह विश्वास करना मुश्किल है कि एअर इंडिया उड़ान 171 दुर्घटना को एक वर्ष पूरा हो गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘एफएए के प्रभारी जांचकर्ता के रूप में, मैं और मेरी टीम दुर्घटना के ठीक एक दिन बाद भारत के लिए उड़ान में सवार हुए।’’
उन्होंने लिंक्डइन पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमने जमीन पर दो हफ्तों तक एक समर्पित अंतरराष्ट्रीय पेशेवर टीम के साथ मिलकर कठिन परिस्थितियों में चौबीसों घंटे काम किया, ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके और यह समझा जा सके कि क्या हुआ था।’’
वह शुरुआती दिनों में जांच का हिस्सा थे।
लश ने कहा कि हर आंकड़े, मलबे के हर टुकड़े और हर निष्कर्ष के पीछे वास्तविक लोग होते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘बेटे, बेटियां, माताएं, पिता, सहकर्मी और मित्र—जिनका जीवन अचानक समाप्त हो गया। उनके परिवार आज भी ऐसा दर्द सह रहे हैं जिसे समय आसानी से मिटा नहीं सकता।’’
उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘‘आज, मैं उन्हें याद करता हूं, और मैं पहले जांचकर्ताओं और विमानन पेशेवरों का सम्मान करता हूं जिन्होंने भारत में उन कठिन दिनों के दौरान इस प्रयास में अपना सब कुछ झोंक दिया।’’
भाषा
देवेंद्र माधव
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