नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने दाऊदी बोहरा उत्तराधिकार विवाद में 2024 के एक फैसले को लेकर बंबई उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश गौतम पटेल और उनके परिवार को मिली धमकियों, परेशान करने और हिंसा की घटनाओं की निंदा की है।
अधिवक्ता विकास सिंह के नेतृत्व वाली सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने एक प्रस्ताव पारित किया। इसमें कहा गया कि न्यायमूर्ति पटेल के परिवार के एक सदस्य को कथित तौर पर दी गई धमकियों की खबरें बेहद चिंताजनक हैं तथा यह कानून के शासन की मूल भावना पर सीधा प्रहार है।
प्रस्ताव में कहा गया, ‘‘कानून के शासन से चलने वाले संवैधानिक लोकतंत्र में, अदालती फैसलों को केवल कानूनी ढांचे के तहत उपलब्ध कानूनी तरीकों से ही चुनौती दी जा सकती है। किसी फैसले से असहमति कभी भी धमकियों या हिंसा को सही नहीं ठहरा सकती।’’
अप्रैल 2024 में न्यायमूर्ति पटेल ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन की दाऊदी बोहरा समुदाय के 53वें दाई-अल-मुतलक (धार्मिक प्रमुख) के रूप में नियुक्ति वैध है। अदालत ने कहा था कि उनकी नियुक्ति विधिसम्मत तरीके से की गई थी।
एससीबीए ने कहा कि न्यायिक कामकाज के कारण किसी न्यायाधीश, चाहे वे कार्यरत हों या सेवानिवृत्त हो चुके हों, या उनके परिवार के सदस्यों को डराने-धमकाने, या उन पर दबाव डालने की कोई भी कोशिश, न्यायपालिका की आज़ादी और संवैधानिक मूल्यों पर सीधा हमला है।
भाषा आशीष माधव
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