कोलकाता, 12 जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि वह कभी किसी जांच से पीछे नहीं हटे हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर ‘‘दोहरे मापदंड’’ अपनाने का भी आरोप लगाया।
अभिषेक का ये बयान ऐसे समय में आया, जब विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित भड़काऊ भाषण के सिलसिले में उन्हें बंगाल सीआईडी द्वारा नोटिस देने का प्रयास किया गया है।
सीआईडी की टीम के अभिषेक के कालीघाट स्थित घर पर पहुंचने के कुछ घंटों बाद, डायमंड हार्बर के सांसद ने कहा कि उन्होंने हमेशा जांच एजेंसियों का सहयोग किया है।
तृणमूल नेता ने सुझाव दिया कि अधिकारी उनके घर आने से पहले उन्हें पहले से सूचित करें।
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘मैंने कभी किसी जांच से बचने की कोशिश नहीं की। चाहे ईडी हो, सीबीआई हो या सीआईडी, जब भी मुझे बुलाया गया, मैं पेश हुआ और सहयोग किया।’’
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के चयन से जुड़े फर्जी हस्ताक्षर मामले में बृहस्पतिवार को सीआईडी के सामने पेश होने का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा कि उन्होंने लगभग साढ़े पांच घंटे सवालों के जवाब दिये।
उन्होंने कहा, ‘‘कल ही सीआईडी ने मुझसे पांच घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की और मैंने पूरा सहयोग किया। अगर मैं घर पर नहीं होता, तो घर पर मौजूद किसी व्यक्ति को नोटिस दिया जा सकता था। चूंकि वे ऐसा करने को तैयार नहीं थे, इसलिए उन्हें मेरे लौटने तक इंतजार करना पड़ा।’’
अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘‘हमारी नेता के घर पर बैठक पहले से ही तय थी। मैं घर पर नहीं था। मेरा बस इतना सा अनुरोध है कि अगली बार आने से पहले मुझसे संपर्क कर लें।’’
मामले के आधार पर सवाल उठाते हुए बनर्जी ने पूछा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणियों के लिए उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
बनर्जी ने कहा, ‘‘अगर चार मई के बाद तेज अवाज में संगीत बजाने की बात कहने पर मेरे खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, तो अमित शाह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं दर्ज की गई, जब उन्होंने कहा था कि टीएमसी कार्यकर्ताओं को सबक सिखाने के लिए ‘उल्टा लटकाया’ जाएगा?’’
भाषा शफीक संतोष
संतोष