(फाइल फोटो के साथ)
ईटानगर, 12 जून (भाषा) केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने शुक्रवार को कहा कि मोदी सरकार के तहत भारत में जबरदस्त बदलाव आया है और देश ने पिछले 12 वर्षों में बुनियादी ढांचा, कनेक्टिविटी, कल्याण, विनिर्माण और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी प्रगति की है।
रीजीजू ने ईटानगर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में बुनियादी ढांचे का विकास अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत अब तक देशभर में आठ लाख किलोमीटर से ज्यादा ग्रामीण सड़कें बनाई गई हैं और इनमें से लगभग चार लाख किलोमीटर सड़कों का निर्माण पिछले 12 वर्षों में किया गया है।
अरुणाचल प्रदेश की प्रगति का जिक्र करते हुए रीजीजू ने कहा कि सेला और नेचिपु सुरंगों जैसी रणनीतिक परियोजनाओं ने कनेक्टिविटी को बढ़ाया है और सीमा सुरक्षा को मजबूत किया है।
उन्होंने कहा कि देशभर में सड़क निर्माण की गति बढ़कर औसतन 34 किलोमीटर प्रतिदिन हो गई है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने रेलवे क्षेत्र का भी काफी विस्तार किया है और अब भारत के ब्रॉड-गेज रेल नेटवर्क का लगभग 99.6 फीसदी हिस्सा विद्युतीकृत हो चुका है।
उन्होंने कहा कि 164 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत से रेल यात्रा आधुनिक बनी है और यात्रियों के लिए सेवाओं में सुधार हुआ है।
विमानन क्षेत्र का जिक्र करते हुए रीजीजू ने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू उड्डयन बाजार बन गया है।
उन्होंने बताया कि मोदी सरकार के तहत 90 से ज्यादा नये हवाई अड्डे बनाए गए हैं और चालू हवाई अड्डों की संख्या 2014 से पहले के 74 से बढ़कर अब लगभग 164 हो गई है।
कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए रीजीजू ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाए गए हैं, जबकि जल जीवन मिशन ने देशभर में 16 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों के पास नल जल पहुंचाया है।
रीजीजू ने प्रधानमंत्री जन धन योजना की सफलता का भी जिक्र करते हुए कहा कि इसने करोड़ों ऐसे लोगों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा है, जिनका पहले कोई खाता नहीं था और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये राशि का पारदर्शी अंतरण मुमकिन बनाया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के तौर पर उभर रहा है। उन्होंने असम में चल रही परियोजनाओं, सेमीकंडक्टर इकाइयों की स्थापना और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत भारत के दुनिया के दूसरे सबसे बड़े मोबाइल फोन निर्माता के तौर पर उभरने का जिक्र किया।
रीजीजू ने देश में बने रक्षा उत्पादों का मूल्य 38,400 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है, जबकि रक्षा निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है; इससे आयात पर निर्भरता कम हुई है और रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता मजबूत हुई है।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों ने एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए मजबूत नींव तैयार की है।
भाषा पारुल रंजन
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